
मेरठ, उत्तर प्रदेश: अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत से फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद दोषी रविता और अमरदीप को जेल में अलग-अलग बैरकों में स्थानांतरित कर दिया गया है। जेल प्रशासन ने दोनों की सुरक्षा बढ़ाते हुए बैरकों के बाहर अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया है। जेल अधिकारियों के मुताबिक, सजा सुनाए जाने के बाद दोनों बेचैन रहे। रविता का चिकित्सकीय परीक्षण कर उसे दवा भी दी गई। फिलहाल, जेल प्रशासन के अनुसार उसकी हालत ठीक है।
सजा के बाद अलग-अलग बैरकों में शिफ्ट
वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने शनिवार को बताया कि अमित कश्यप हत्याकांड में शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद रविता और अमरदीप की निगरानी बढ़ा दी गई है। दोनों को नई बैरकों में भेजा गया है, ताकि जेल के निर्धारित नियमों के तहत उनकी सुरक्षा और देखरेख की जा सके।
जेल प्रशासन के मुताबिक, रविता को बैरक संख्या 12ए में रखा गया है, जबकि अमरदीप को बैरक संख्या 1ए में स्थानांतरित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अमरदीप को उसी बैरक में रखा गया है, जहां सौरभ राजपूत हत्याकांड में फांसी की सजा पाए साहिल शुक्ला को रखा गया है।
दोनों को सजायाफ्ता कैदियों की वर्दी में नई बैरकों तक पहुंचाया गया। उनकी निगरानी के लिए बैरकों के बाहर अतिरिक्त जेल कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है।
रविता की तबीयत बिगड़ने पर चिकित्सकीय जांच
वरिष्ठ जेल अधीक्षक के अनुसार, सजा सुनाए जाने के बाद रविता बेचैन थी। जेल में चिकित्सक ने उसका परीक्षण किया और उसे दवा दी। इसके बाद उसकी हालत ठीक बताई गई।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि जेल में बंद मुस्कान और साहिल की तबीयत भी ठीक है। चारों कैदियों की काउंसलिंग कराई गई है, ताकि उन्हें मानसिक रूप से संभालने और जेल की परिस्थितियों के अनुरूप रहने में मदद मिल सके।
फिलहाल मिलने नहीं आया कोई परिजन
जेल अधिकारियों के मुताबिक, फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद अब तक रविता और अमरदीप से मिलने कोई नहीं आया है। दोनों की कैदी संख्या क्रमशः 399/2026 और 400/2026 बताई गई है।
जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोनों की सुरक्षा, निगरानी और रोजमर्रा की गतिविधियां निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जाएंगी।
जेल में काम भी करेंगे दोनों दोषी
अधिकारियों के मुताबिक, रविता पहले से जेल में बैग बनाने का काम कर रही थी। आगे भी उसे यही जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है। वहीं, अमरदीप सात अक्टूबर को दोषसिद्ध होने के बाद जेल पहुंचा था। उसे भी जेल के नियमों के अनुसार काम सौंपा जाएगा।
जेल प्रशासन की ओर से दोनों की दिनचर्या और सुरक्षा को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद अब उनकी निगरानी और जेल में रहने से जुड़ी प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सौरभ राजपूत हत्याकांड के दोषियों को भी फांसी की सजा
मेरठ का सौरभ राजपूत हत्याकांड भी हाल के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। इस मामले में मुस्कान और साहिल को 14 अक्टूबर को स्थानीय अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी। वहीं, अमित कश्यप हत्याकांड में रविता और अमरदीप को शुक्रवार को मृत्युदंड सुनाया गया।
दोनों मामलों में जेल प्रशासन कैदियों की सुरक्षा और निगरानी से संबंधित व्यवस्थाएं लागू कर रहा है। अदालत से सुनाई गई सजा के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अपने निर्धारित नियमों के अनुसार चलेगी।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध रिपोर्ट और जेल प्रशासन के बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। मृत्युदंड से जुड़े मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अपील की स्थिति संबंधित न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार निर्धारित होगी।



