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अस्पताल के बाद अब थाने से भागा! नागपुर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने में माहिर निकला 25 साल का इक्का

Notorious Burglar Escapes Custody: नागपुर में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। चोरी, लूटपाट और सेंधमारी जैसे संगीन अपराधों में लंबे समय से सक्रिय शातिर अपराधी इक्का उर्फ हर्ष महेंद्र रामटेके सोमवार सुबह हुड़केश्वर पुलिस थाने से पुलिस कस्टडी से फरार हो गया।

अस्पताल के बाद अब थाने से भागा! नागपुर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने में माहिर निकला 25 साल का इक्का
अस्पताल के बाद अब थाने से भागा! नागपुर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने में माहिर निकला 25 साल का इक्का

आरोपी के फरार होने की सूचना मिलते ही पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल घटनास्थल का दौरा किया और क्राइम ब्रांच सहित कई पुलिस टीमों को उसकी तलाश में लगा दिया। देर रात तक पुलिस को उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।

कस्टडी से फरार कुख्यात इक्का, पुलिस की बड़ी चूक

जानकारी के अनुसार, खैरलांजी वार्ड, तिरोड़ा निवासी इक्का को तीन दिन पहले सेंधमारी के एक मामले में हुड़केश्वर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान सोमवार सुबह उसने पुलिसकर्मियों से शौच जाने की अनुमति मांगी।

उसने विशेष रूप से वेस्टर्न टॉयलेट में ले जाने की बात कही। पुलिसकर्मी उसे टॉयलेट तक लेकर पहुंचे, लेकिन इसी दौरान मौका मिलते ही वह उन्हें चकमा देकर थाने से फरार हो गया। जब तक पुलिसकर्मी संभलते, आरोपी वहां से गायब हो चुका था।

घटना के बाद पुलिस थाने में अफरातफरी मच गई। तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और पूरे शहर में नाकाबंदी कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई। क्राइम ब्रांच की विशेष टीमों के साथ स्थानीय पुलिस ने संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन देर रात तक आरोपी गिरफ्त में नहीं आ सका।

इक्का उर्फ हर्ष महेंद्र रामटेके शहर का कुख्यात आदतन अपराधी माना जाता है। उसके खिलाफ नागपुर के विभिन्न पुलिस थानों में चोरी, बैग लिफ्टिंग, सेंधमारी और लूटपाट के करीब दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। वह कई बार गिरफ्तार हो चुका है और एक मामले में उसे सजा भी मिल चुकी है। इसके बावजूद जेल से बाहर आते ही वह दोबारा अपराध की दुनिया में लौट जाता है।

दूसरी बार पुलिस कस्टडी से फरार हुआ इक्का, सुरक्षा पर सवाल

यह पहली बार नहीं है जब इक्का पुलिस को चकमा देकर भागा हो। मई 2025 में भी उसे चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस समय उसने सिर में तेज दर्द होने की शिकायत की थी, जिसके बाद उसे मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अस्पताल में इलाज के दौरान उसने पुलिस की निगरानी का फायदा उठाकर फरार होने में सफलता हासिल कर ली थी। हालांकि, पुलिस ने अगले ही दिन उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले भी वह पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास कर चुका है।

बारबार एक ही आरोपी का पुलिस कस्टडी से फरार होना और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस को आरोपी के आपराधिक इतिहास और उसकी चालाकी की पूरी जानकारी होने के बावजूद उसकी निगरानी में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई, इसे लेकर विभाग के भीतर भी चर्चा शुरू हो गई है। संभावना जताई जा रही है कि मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।

फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। , बस अड्डों और शहर से बाहर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और फरारी की इस घटना की विभागीय जांच भी कराई जाएगी।

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