Jorhat Plane Crash: असम के जोरहाट में हुए दर्दनाक विमान हादसे में शहीद हुए वायुसेना के अधिकारी शुभम कुमार के मुआवजे और सरकारी लाभों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. जहानाबाद जिले के हुलासगंज थाना क्षेत्र के बनवरिया गांव निवासी शहीद शुभम के पिता अमरेंद्र शर्मा ने प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. शहीद के पिता अमरेंद्र शर्मा का आरोप है कि सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता और अन्य सरकारी लाभ उनके परिवार के बजाय श्रेया राय नामक एक युवती को दिए जा रहे हैं. उन्होंने लाभार्थी के चयन की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसमें पारदर्शिता की मांग की है.

इस पूरे विवाद पर जहानाबाद के अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रंजन सिन्हा का कहना है कि आधिकारिक और विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, श्रेया राय ही शहीद शुभम कुमार की कानूनी रूप से वैध पत्नी हैं. इसलिए नियमानुसार सरकारी सहायता उन्हें दी जा रही है.
पिता ने पूछा अगर पत्नी हैं तो साथ क्यों नहीं रहतीं?
प्रशासन के इस दावे को चुनौती देते हुए अमरेंद्र शर्मा ने सवाल उठाया है कि यदि श्रेया राय शुभम की पत्नी हैं, तो वह संकट की इस घड़ी में परिवार के साथ क्यों नहीं रह रही हैं? उन्होंने मांग की है कि शहीद के मातापिता होने के नाते मुआवजे और सरकारी लाभों पर उनका भी कानूनी अधिकार बनता है. पिता ने सरकार से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और बुजुर्ग मातापिता के हितों की रक्षा करने की गुहार लगाई है.
फिलहाल, इस संवेदनशील मामले पर प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं.
क्या हुआ था हादसे वाले दिन?
26 वर्षीय फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार ने शनिवार सुबह लगभग 9 बजे रोज की तरह अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात की. वह खुश नजर आ रहे थे और ड्यूटी पर जाने की जल्दी में थे. उन्होंने मां से कहा कि अभी जल्दी में हूं, बाद में फुर्सत से बात करूंगा.
इस वीडियो कॉल के लगभग एक घंटे बाद, सुबह करीब 10 बजे जोरहाट वायुसेना स्टेशन पर लैंडिंग के दौरान AN32 विमान अनियंत्रित होकर रनवे से फिसल गया. विमान दो हिस्सों में टूट गया और उसमें आग लग गई. इस हादसे में शुभम कुमार समेत पांच वायु योद्धाओं ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जबकि एक सहपायलट गंभीर रूप से घायल हो गए.



