India

आक्रामक फैसले, बेबाक अंदाज… असम CM हिमंत की वो 10 खूबियां जो उन्हें दूसरे मुख्यमंत्रियों से करती हैं अलग

असम विधानसभा चुनाव में BJP नेतृत्व वाले NDA की ऐतिहासिक जीत के बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. उनके साथ ही चार मंत्रियों ने भी मंत्री पद की शपथ ली. गुवाहाटीके खानापारा में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई दिग्गज नेताओं ने शिरकत की.

आक्रामक फैसले, बेबाक अंदाज… असम CM हिमंत की वो 10 खूबियां जो उन्हें दूसरे मुख्यमंत्रियों से करती हैं अलग
आक्रामक फैसले, बेबाक अंदाज… असम CM हिमंत की वो 10 खूबियां जो उन्हें दूसरे मुख्यमंत्रियों से करती हैं अलग

हिमंत बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की कमान संभाली है. सरमा बीजेपी के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं, जो अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं. चुनाव प्रचार के दौरान भी वो काफी चर्चा में रहे. ऐसे में आइए जानते हैं सरमा के व्यक्तित्व की वो 9 अहम बातें तो उन्हें दूसरे मुख्यमंत्रियों से अलग करती है.

  1. शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सक्रियता: स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने असम में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर काफी काम किया. कई मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य योजनाएं उनके कार्यकाल से जुड़ी हैं.
  2. आक्रामक और तेज फैसले लेने की शैली: हिमंत बिस्वा सरमा को ‘फास्टडिसीजन’ नेता माना जाता है. प्रशासनिक मामलों में वो लंबी प्रक्रिया की बजाय तुरंत कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं.
  3. प्रशासनिक माइक्रोमैनेजमेंट: कई मुख्यमंत्री बड़े स्तर पर निगरानी रखते हैं, लेकिन हिमंत बिस्वा सरमा को छोटीछोटी प्रशासनिक चीज़ों तक ध्यान देने वाले नेता के रूप में देखा जाता है.
  4. राजनीतिक रणनीतिकार की पहचान: हिमंत बिस्वा सरमा सिर्फ मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति और गठबंधन राजनीति के कुशल खिलाड़ी भी माने जाते हैं. पूर्वोत्तर में बीजेपी की चुनावी सफलता में उनकी रणनीतिक भूमिका अहम रही है.
  5. स्पष्ट और बेबाक बयान देने की छवि: सरमा संवेदनशील मुद्दों पर भी खुलकर बोलते हैं.उनकी साफ़गोई उन्हें समर्थकों के बीच लोकप्रिय और विरोधियों के बीच चर्चा का विषय बनाती है. असम और पूरे नॉर्थ ईस्ट के मुद्दों की गहरी समझ और त्वरित कार्रवाई उन्हें खास बनाती है.
  6. बेहद मजबूत ग्राउंड कनेक्शन: हिमंत बिस्वा सरमा लगातार जिलों, गांवों और स्थानीय कार्यक्रमों में सक्रिय रहते हैं. आम लोगों से सीधे संवाद उनकी राजनीति की बड़ी ताकत मानी जाती है.
  7. पूर्वोत्तर की राजनीति का बड़ा चेहरा: सिर्फ असम तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे नॉर्थईस्ट में बीजेपी के विस्तार में सरमा की बड़ी भूमिका रही है. नॉर्थ ईस्ट के कई अन्य राज्यों में संगठन मजबूत करने का श्रेय उन्हें दिया जाता है.
  8. कांग्रेस से बीजेपी तक सफल राजनीतिक बदलाव: कांग्रेस छोड़ने के बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने बीजेपी में खुद को तेजी से स्थापित किया और मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे. यह भारतीय राजनीति में एक बड़ा ट्रांजिशन माना जाता है.
  9. कानूनव्यवस्था पर सख्त रुख: अपराध, ड्रग्स और अवैध गतिविधियों के खिलाफ हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार ने काफी सख्त अभियान चलाए हैं, इसी वजह से उनकी ‘हार्डलाइन एडमिनिस्ट्रेटर’ वाली छवि बनी.
  10. मीडिया और सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़: सरमा ट्विटर/X और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार सक्रिय रहते हैं. इससे वो सीधे जनता तक अपना संदेश पहुंचाते हैं.

NDA ने विपक्ष को दी करारी शिकस्त

विधानसभा चुनाव की बात करें तो चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA ने विपक्ष को करारी शिकस्त देते हुए राज्य की 102 सीटों पर शानदार जीत हासिल की. बीजेपी ने अकेले 82 सीटों पर कब्जा किया , जो बहुमत के आंकड़े से कहीं ज्यादा है. वहीं सहयोगी दल एजीपी और बीपीएफ ने भी 1010 सीटों पर जीत दर्ज की. खास बात ये है कि राज्य में ये NDA की लगातार तीसरी सरकार है.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply