Samajwadi Party News Agra: समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल के दो दिवसीय आगरा दौरे की शुरुआत ही पार्टी के अंदरूनी असंतोष के शोर से हुई। जीवनी मंडी क्षेत्र में मंगलवार रात करीब 11 बजे प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब उनसे मुलाकात को लेकर कुछ कार्यकर्ता आमनेसामने आ गए। मामला इतना बढ़ा कि कमरे का शीशे वाला दरवाजा तक उखाड़ दिया गया और मौके पर काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।

प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल जीवनी मंडी स्थित सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के प्रतिष्ठान पर पहुंचते ही उन्हें एक कमरे में ले जाया गया। बाहर मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कराने की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे अपने प्रदेश अध्यक्ष से मिलना चाहते हैं, लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी।
देखते ही देखते कार्यकर्ताओं का आक्रोश बढ़ गया। मुलाकात को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। इसी दौरान कमरे का शीशे वाला दरवाजा उखाड़ दिए जाने से हंगामा और बढ़ गया। मौके पर मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने किसी तरह हस्तक्षेप कर कार्यकर्ताओं को शांत कराया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
हंगामे के बाद भाजपा पर बरसे प्रदेश अध्यक्ष
कार्यक्रम में हुए हंगामे के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने सीधे भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का उद्देश्य अपने कार्यकर्ताओं से संवाद करना और उनकी बात सुनना है। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर दावा किया कि इस बार जनता संविधान, लोकतंत्र, आरक्षण, रोजगार, किसानों और युवाओं के मुद्दों पर अपना फैसला सुनाएगी।
श्याम लाल पाल ने कहा कि युवाओं को रोजगार, सस्ती और बेहतर शिक्षा तथा समाज के सभी वर्गों को सम्मान दिलाना समाजवादी पार्टी की प्राथमिकता है। उन्होंने जैन समाज के सम्मान का भी मुद्दा उठाया।
प्रदेश अध्यक्ष ने जंतरमंतर की घटना, पेपर लीक, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं और किसानों से जुड़े सवालों पर सरकार अपेक्षित तरीके से काम नहीं कर रही है।
2027 पर निगाह, लेकिन शुरुआत में ही सामने आया संगठन का असंतोष
का आगरा दौरा भले ही 2027 की चुनावी तैयारियों और कार्यकर्ताओं से संवाद के उद्देश्य से शुरू हुआ हो, लेकिन पहले ही कार्यक्रम में सामने आया यह विवाद पार्टी संगठन के लिए असहज करने वाला रहा। एक ओर प्रदेश अध्यक्ष सत्ता परिवर्तन का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके सामने ही कार्यकर्ताओं का मुलाकात को लेकर आक्रोश संगठन के भीतर की बेचैनी का संकेत देता नजर आया।
अब देखना होगा कि प्रदेश अध्यक्ष के दो दिवसीय के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने के लिए संगठन क्या कदम उठाता है और 2027 के चुनावी मैदान के लिए सपा अपने संगठन को किस तरह एकजुट करती है।


