
लुधियाना, पंजाब: सोने-चांदी के कारोबार में कम समय में बड़ा मुनाफा कमाने का भरोसा देकर एक महिला डॉक्टर से कथित तौर पर 75 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने डॉक्टर से 40 लाख रुपये नकद और बैंक खातों के जरिए लिए, जबकि करीब 35 लाख रुपये मूल्य का सोना भी हासिल किया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
कारोबार में निवेश के नाम पर बढ़ाया भरोसा
शिकायत के मुताबिक, आरोपी वरुण वर्मा ने पहले महिला डॉक्टर से मेलजोल बढ़ाया और खुद को सोने-चांदी के कारोबार से जुड़ा हुआ बताया। इसके बाद उसने कथित तौर पर डॉक्टर को कारोबार में पैसा लगाने पर कम समय में अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया।
आरोप है कि आरोपी की बातों पर विश्वास करके डॉक्टर ने अलग-अलग किस्तों में कुल 40 लाख रुपये नकद और बैंक खातों के माध्यम से उसे दे दिए।
35 लाख रुपये का सोना भी लेने का आरोप
शिकायत के अनुसार, पैसों के अलावा आरोपी ने सोने के कारोबार के नाम पर डॉक्टर से करीब 35 लाख रुपये मूल्य का सोना भी ले लिया। इस तरह शिकायतकर्ता के मुताबिक कुल 75 लाख रुपये की रकम और संपत्ति आरोपी के पास पहुंच गई।
काफी समय बीतने के बाद जब कथित तौर पर न तो मुनाफे की रकम मिली और न ही निवेश का हिसाब दिया गया, तो डॉक्टर ने अपने पैसे और सोना वापस मांगना शुरू किया।
पैसे और सोना लौटाने से किया इनकार
शिकायतकर्ता का आरोप है कि शुरुआत में आरोपी टालमटोल करता रहा और बाद में रकम तथा सोना वापस करने से कथित तौर पर इनकार कर दिया। इसके बाद महिला डॉक्टर ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष शिकायत दी।
पुलिस की जांच में बैंक लेन-देन और संबंधित लोगों के बयानों समेत अन्य तथ्यों की पड़ताल की गई। इसके बाद थाना डिविजन नंबर 8 में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित मामला दर्ज किया गया।
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी खंगाल रही है। साथ ही उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कथित तौर पर ठगी गई रकम और सोने की बरामदगी के प्रयास किए जाएंगे।
मामले की जांच जारी है और पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित ठगी में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
नोट: मामले में लगाए गए आरोप शिकायत और पुलिस जांच पर आधारित हैं। आरोपी की दोषसिद्धि अदालत के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी।



