
सड़क पर कार चलाना सीखना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी ड्राइविंग लाइसेंस मिलने से पहले सही टेस्ट देना है. आखिर लाइसेंस का मतलब ही यही है कि व्यक्ति को सड़क पर गाड़ी चलाने की बेसिक जानकारी है और वह ट्रैफिक नियमों का पालन कर सकता है. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में ड्राइविंग टेस्ट का ऐसा तरीका नजर आया, जिसे देखकर लोग अपनी आंखों पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं.
वीडियो में न कोई कार दिखाई देती है और न ही कोई ड्राइविंग ट्रैक. इसके बावजूद एक उम्मीदवार बाकायदा ड्राइविंग टेस्ट देता नजर आता है. सामने बैठे अधिकारी उससे कार चलाने से जुड़े निर्देश देते हैं और वह कुर्सी पर बैठे-बैठे हवा में ही एक्सीलेटर और ब्रेक दबाने की एक्टिंग करने लगता है. वीडियो देखकर लोग पूछ रहे हैं कि आखिर ये ड्राइविंग टेस्ट है या सिर्फ एक मजेदार ड्रामा?
सामने नहीं थी कार, फिर भी शुरू हुआ ड्राइविंग टेस्ट
वायरल वीडियो में एक कमरे के अंदर अधिकारी और उम्मीदवार दिखाई देते हैं. उम्मीदवार एक कुर्सी पर बैठा है और उसके सामने असली कार जैसी कोई चीज नहीं है. इसके बाद अधिकारी उससे गाड़ी स्टार्ट करने और चलाने की प्रक्रिया करने के लिए कहते हैं. उम्मीदवार भी बिना किसी सवाल के एक्टिंग शुरू कर देता है. वह हाथों से ऐसा इशारा करता है जैसे उसके सामने स्टीयरिंग हो. इसके बाद पैर से एक्सीलेटर और ब्रेक दबाने की एक्टिंग करता है. कभी वह गियर बदलने की कोशिश करता दिखाई देता है तो कभी कार चलाने का पूरा अंदाज अपनाता है. मतलब, जिस टेस्ट में आमतौर पर उम्मीदवार को असली गाड़ी ड्राइव कर अपनी काबिलियत दिखानी होती है, यहां पूरा टेस्ट हवा में ही होता नजर आ रहा है.
मुंह से गाड़ी की आवाज और अधिकारी का ‘पास’
वीडियो का सबसे मजेदार हिस्सा उस वक्त आता है, जब टेस्ट देने वाला व्यक्ति बिना कार के ही गाड़ी चलाने की पूरी एक्टिंग करता है. पुराने वायरल क्लिप्स में भी इसी तरह लोगों को मुंह से कार के इंजन की आवाज निकालते हुए ड्राइविंग का नाटक करते देखा गया है. उम्मीदवार की इस अजीबोगरीब ‘ड्राइविंग’ को देखने के बाद अधिकारी उसे पास कर देते हैं. वीडियो में अधिकारी की तरफ से ‘माशाल्लाह, आप पास हो गए’ जैसा रिएक्शन भी सुनाई देता है. यही हिस्सा इंटरनेट यूजर्स को सबसे ज्यादा मजेदार लग रहा है. लोगों का सवाल है कि अगर उम्मीदवार ने असली कार चलाई ही नहीं, तो यह कैसे पता चला कि वह सड़क पर कार संभाल पाएगा या नहीं?
सोशल मीडिया पर लोगों ने पूछा – ये टेस्ट है या एक्टिंग?
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कमेंट आने लगे. कुछ लोगों ने इसे मजाक के तौर पर लिया तो कुछ ने ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए. एक यूजर ने लिखा कि ऐसा ड्राइविंग टेस्ट उसने पहली बार देखा है. कई लोगों ने मजाक करते हुए कहा कि अगर बिना कार के ही ड्राइविंग टेस्ट पास किया जा सकता है तो ड्राइविंग स्कूल और प्रैक्टिस की जरूरत ही क्या है? कुछ यूजर्स ने उम्मीदवार की एक्टिंग की तारीफ करते हुए कहा कि उसने कम से कम अपनी तरफ से टेस्ट को पूरी गंभीरता से देने की कोशिश तो की. हालांकि, इस वीडियो के वायरल होने का मतलब यह नहीं है कि अफगानिस्तान में हर जगह ड्राइविंग लाइसेंस इसी तरह जारी किए जाते हैं. इसके लिए वीडियो के सटीक स्थान, समय और पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है.
अफगानिस्तान में ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर उठते रहे हैं सवाल
इस वीडियो को अफगानिस्तान में ट्रैफिक और लाइसेंस व्यवस्था से जुड़े दावों के साथ शेयर किया जा रहा है. कुछ रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट में वहां ड्राइविंग टेस्ट और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं. हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर पूरे देश की व्यवस्था पर कोई सीधा निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा. ड्राइविंग लाइसेंस का असली मकसद सिर्फ एक कार्ड या परमिट हासिल करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि ड्राइवर सड़क पर सुरक्षित तरीके से गाड़ी ड्राइव कर सके. अगर किसी जगह प्रैक्टिकल टेस्ट कमजोर होता है तो इसका असर सीधे सड़क सुरक्षा पर पड़ सकता है.
महिलाओं को लेकर अलग नियमों पर भी चर्चा
इस वीडियो के साथ अफगानिस्तान में महिलाओं की स्थिति और उनके लिए लागू पाबंदियों की चर्चा भी सोशल मीडिया पर हो रही है. तालिबान के सत्ता में आने के बाद महिलाओं की आवाजाही और सार्वजनिक जीवन पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं. ऐसे में वायरल वीडियो को लेकर कुछ यूजर्स ने पुरुषों और महिलाओं के लिए नियमों के कथित फर्क पर भी सवाल उठाए. हालांकि, वायरल क्लिप और उससे जुड़े दावों को अलग-अलग करके देखना जरूरी है. किसी वीडियो में दिख रही एक घटना को पूरे देश के हर ड्राइविंग सेंटर की तस्वीर मान लेना सही नहीं होगा.
वीडियो ने सड़क सुरक्षा पर छेड़ी नई बहस
इस वीडियो की असली वजह चाहे जो हो, इसने एक जरूरी सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि ड्राइविंग लाइसेंस देने से पहले टेस्ट कितना मजबूत होना चाहिए. सड़क पर एक छोटी सी गलती भी किसी की जान ले सकती है. इसलिए ड्राइविंग सीखने और लाइसेंस पाने की प्रक्रिया सिर्फ कागजी खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए. इंस्टाग्राम पर ‘howorldworks’ अकाउंट से शेयर किए गए इस वीडियो को बड़ी संख्या में लोग देख और शेयर कर चुके हैं. किसी को इसमें कॉमेडी नजर आ रही है तो कोई इसे सिस्टम पर सवाल उठाने वाला वीडियो बता रहा है. लेकिन एक बात साफ है कि अगर ड्राइविंग टेस्ट में कार ही नहीं है, तो असली सवाल यही रहेगा कि सड़क पर ड्राइविंग की परीक्षा आखिर हुई कैसे?
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