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करोड़ों का बिजनेस छोड़ बिहार की बहू बनी अमेरिकी महिला, साड़ी-सिंदूर से अपनाई भारतीय संस्कृति, बस इस बात का है दुख.

करोड़ों का बिजनेस छोड़ बिहार की बहू बनी अमेरिकी महिला, साड़ी-सिंदूर से अपनाई भारतीय संस्कृति, बस इस बात का है दुख.

बिहार: विदेश में बेहतर जिंदगी और करियर बनाने का सपना बहुत से लोग देखते हैं, लेकिन अमेरिका में रहने वाली जेसिका कुमार की कहानी इससे बिल्कुल अलग है। भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म से प्रभावित होकर उन्होंने बिहार के रहने वाले अभिषेक सिंह से शादी की और भारत को अपना घर बना लिया। जेसिका ने भारतीय रीति-रिवाजों को अपनाया, लेकिन एक बात उन्हें आज भी दुखी करती है—बिहार और यहां के लोगों को लेकर की जाने वाली नकारात्मक टिप्पणियां।

शिकागो में हुई थी जेसिका और अभिषेक की मुलाकात

रिपोर्ट के मुताबिक, जेसिका अमेरिका के शिकागो शहर की रहने वाली हैं। वहीं उनकी मुलाकात अभिषेक सिंह से हुई, जो पढ़ाई के सिलसिले में अमेरिका गए थे। पहली मुलाकात में ही अभिषेक ने जेसिका को बता दिया था कि वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और भविष्य में भारत लौटकर उनके साथ रहना चाहते हैं।

इस बात से जेसिका को पहले ही अंदाजा हो गया था कि अगर उनका रिश्ता आगे बढ़ता है, तो उन्हें अमेरिका छोड़कर भारत में रहना पड़ सकता है। इसके बावजूद दोनों का रिश्ता आगे बढ़ा और उन्होंने शिकागो में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी कर ली।

भारतीय संस्कृति में ऐसे रच-बस गईं जेसिका

जेसिका ने शादी के बाद भारतीय परंपराओं को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाया। वह साड़ी पहनती हैं, मांग में सिंदूर लगाती हैं और पैरों में बिछिया भी पहनती हैं। भारतीय त्योहारों और धार्मिक परंपराओं के प्रति उनका लगाव भी चर्चा में रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, जेसिका छठ पूजा जैसे त्योहारों को श्रद्धा के साथ मनाती हैं। उनके लिए भारतीय संस्कृति केवल शादी के बाद अपनाई गई परंपराएं नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बन गई है।

परिवार और बिजनेस छोड़ने का फैसला

जेसिका के भारत आने की कहानी को उनके निजी जीवन के एक बड़े फैसले के तौर पर पेश किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्होंने अपने परिवार के कारोबार और अमेरिका में उपलब्ध अवसरों को पीछे छोड़कर भारत में बसने का फैसला किया। हालांकि, उनके परिवार के बिजनेस की वास्तविक कीमत और उससे जुड़े आर्थिक विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।

उनका यह फैसला दिखाता है कि शादी और परिवार से जुड़े निर्णयों में कई बार लोगों को अपने परिचित माहौल से बाहर निकलकर नई जगह पर जीवन शुरू करना पड़ता है।

बिहार के लोगों को लेकर कही यह बात

जेसिका को जिस बात का सबसे ज्यादा दुख होता है, वह है बिहार और बिहार के लोगों को लेकर बनाई जाने वाली नकारात्मक धारणा। उनके मुताबिक, कई लोग बिहार के लोगों और उनकी हिंदी बोलने की शैली का मजाक उड़ाते हैं।

जेसिका का मानना है कि किसी व्यक्ति या पूरे राज्य को कुछ धारणाओं के आधार पर आंकना उचित नहीं है। वहां के लोगों का व्यवहार, आपसी अपनापन और सांस्कृतिक परंपराएं भी समझने की जरूरत है।

प्यार के साथ अपनापन भी बना भारत आने की वजह

जेसिका और अभिषेक की कहानी केवल अलग-अलग देशों के दो लोगों की शादी की कहानी नहीं है। यह अलग संस्कृतियों के बीच तालमेल बैठाने और नए माहौल को अपनाने की भी कहानी है। जेसिका ने भारत में जीवन शुरू करने का फैसला किया और यहां की कई परंपराओं को अपनाया।

उनकी कहानी के जरिए यह संदेश भी सामने आता है कि किसी जगह को समझने के लिए वहां के लोगों से मिलना और उनकी संस्कृति को जानना जरूरी है, न कि पहले से बनी धारणाओं के आधार पर राय कायम करना।

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