: … की उस बेटी का नाम, जिसे शायद ही कोई भूल पाया हो। पौड़ी गढ़वाल के वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली अंकिता की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 30 मई 2025 को कोर्ट ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब इस चर्चित हत्याकांड को चार साल पूरे होने जा रहे हैं। हालांकि अदालत से दोषियों को सजा मिलने के बाद भी इस मामले से जुड़े कुछ सवाल लगातार उठाए जा रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख सवाल कथित VVIP को लेकर है।

चार साल बाद भी नहीं थमा VVIP का मुद्दा
के बाद से ही एक कथित VVIP का नाम चर्चा में रहा है। आरोप लगाया जाता रहा है कि घटना से पहले रिजॉर्ट में एक VVIP मेहमान के आने की बात थी और अंकिता पर उसे विशेष सेवाएं देने का दबाव बनाया गया था। अंकिता के इनकार करने के बाद उसकी हत्या किए जाने का दावा भी सामने आया। हालांकि, की ओर से लगातार कहा गया है कि मामले में किसी VVIP की संलिप्तता नहीं मिली है। इसके बावजूद उत्तराखंड में कई सामाजिक और जनसंगठन इस पूरे मामले की दोबारा पड़ताल और कथित VVIP की भूमिका से जुड़े सवालों के स्पष्ट जवाब की मांग कर रहे हैं।
18 सितंबर को देहरादून में प्रदर्शन
अंकिता हत्याकांड के चार साल पूरे होने पर 18 सितंबर को देहरादून के गांधी पार्क में श्रद्धांजलि सभा और प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। ‘अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच’ के बैनर तले होने वाले इस कार्यक्रम में 40 से ज्यादा सामाजिक और जनसंगठनों के समर्थन का दावा किया गया है। आयोजकों के मुताबिक, इस दौरान अंकिता को देने के साथ मानव श्रृंखला बनाई जाएगी और कथित VVIP मामले समेत हत्याकांड से जुड़े अन्य सवालों को लेकर आवाज उठाई जाएगी। संयुक्त संघर्ष मंच से जुड़ी कमला पंत का कहना है कि चार साल बीतने के बाद भी अंकिता के परिवार और आम लोगों के मन में कई सवाल हैं, जिनका जवाब मिलना जरूरी है। उनका कहना है कि किसी भी जांच का उद्देश्य केवल प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि सामने आए सभी महत्वपूर्ण तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल कर सच्चाई तक पहुंचना होना चाहिए।
SIT जांच और जांच प्रक्रिया पर भी सवाल
सामाजिक संगठनों का कहना है कि मामले में गठित SIT की जांच और अदालत के सामने रखे गए तथ्यों को लेकर भी कई सवाल अब तक बने हुए हैं। उनका कहना है कि अगर किसी महत्वपूर्ण पहलू को लेकर संदेह या सवाल बाकी हैं, तो उनकी स्पष्टता जरूरी है। मंच से जुड़े लोगों का सवाल है कि अगर चार साल बाद भी अंकिता को संपूर्ण न्याय दिलाने की मांग को लेकर लोगों को सड़क पर उतरना पड़ रहा है, तो इस पर सरकार और प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाने को लेकर भी सवाल
अंकिता हत्याकांड के बाद वनंत्रा रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाए जाने को लेकर भी लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। सामाजिक संगठनों का आरोप है कि इससे मामले से जुड़े साक्ष्यों को नुकसान पहुंचने की आशंका पैदा हुई। संगठनों की ओर से यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाने के आदेश से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच किस स्तर तक हुई। इसके अलावा स्थानीय विधायक और पूर्व क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष की भूमिका को लेकर भी संगठन सवाल उठा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
CBI जांच को लेकर भी उठे सवाल
प्रदर्शन से जुड़े संगठनों ने मामले की CBI जांच को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि CBI जांच की मांग और प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है, लेकिन जांच की स्थिति को लेकर जनता के सामने स्पष्ट जानकारी आनी चाहिए। इसके अलावा संगठनों ने अंकिता के मातापिता की ओर से मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र को CBI जांच का आधार न बनाए जाने और एक पर्यावरणविद् की FIR को आधार बनाए जाने पर भी आपत्ति जताई है।
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18 सितंबर को फिर उठेगी ‘अंकिता न्याय’ की आवाज
अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है, लेकिन कथित VVIP की भूमिका, रिजॉर्ट पर बुलडोजर और जांच से जुड़े अन्य सवालों को लेकर सामाजिक संगठनों का आंदोलन जारी है। 18 सितंबर को अंकिता की चौथी पुण्यतिथि पर देहरादून में होने वाली श्रद्धांजलि सभा और प्रदर्शन के जरिए संगठन एक बार फिर इन सवालों को उठाने जा रहे हैं। उनका कहना है कि अंकिता के परिवार को न्याय मिलने के साथसाथ मामले से जुड़े सभी अनुत्तरित सवालों के जवाब भी सामने आने चाहिए।
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