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​FASTag बैंक की सर्विस से परेशान हैं? अब टैग नहीं, सिर्फ बैंक बदल सकेंगे आप

​FASTag बैंक की सर्विस से परेशान हैं? अब टैग नहीं, सिर्फ बैंक बदल सकेंगे आप

डिजिटल डेस्क लखनऊः FASTag इस्तेमाल करने वाले करोड़ों वाहन मालिकों के लिए सरकार बड़ी राहत की तैयारी है। अगर कोई ग्राहक अपने FASTag जारी करने वाले बैंक की सेवाओं से परेशान है या फिर किसी दूसरे बैंक में स्विच करना चाहता है तो उनके लिए बड़ी राहत की खबर है। उन्हें नया FASTag खरीदने और आपकी गाड़ी पर पुराना टैग हटाकर नया लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार FASTag को मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तर्ज पर एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट करने की सुविधा शुरू करने की दिशा में काम कर रही है।

इस व्यवस्था को ‘One Tag’ नाम से पेश किया जा रहा है। इसके तहत गाड़ियों पर लगा मौजूदा FASTag बरकरार रहेगा, जबकि उसका Issuer Bank बदला जा सकेता है यानी की आसान शब्दों में समझें तो टैग वही रहेगा बस आपना बैंक बदल जाएगा।

FASTag बदलने की झंझट होगी खत्म

फिलहाल, FASTag जारी करने वाले बैंक की फैसिलिटी से परेशान ग्राहक को बैंक बदलने के लिए नया FASTag लेना पड़ता है। इसके बाद पुराने टैग को गाड़ी से हटाकर नया टैग लगाना होता है। नई व्यवस्था का मकसद इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाना है।

One Tag सुविधा लागू होने के बाद ग्राहक मौजूदा FASTag को ही दूसरे बैंक के साथ जोड़ सकेगा। इससे बारबार नया टैग खरीदने, उसे वाहन पर लगाने और पुराने टैग को हटाने की परेशानी कम हो सकती है।

Rajmarg Yatra App से बदल सकेगा Issuer Bank

FASTag को एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट करने की सुविधा Rajmarg Yatra App के जरिए उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके जरिए ग्राहक डिजिटल तरीके से अपने FASTag का Issuer Bank बदल सकेंगे।

इस सुविधा का उद्देश्य FASTag से जुड़ी बैंकिंग सेवाओं में ग्राहकों को ज्यादा विकल्प देना और बैंक बदलने की प्रक्रिया को सरल बनाना है।

नितिन गडकरी ने बताई ‘One Tag’ की योजना

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने Global Fintech Fest 2026 में FASTag से जुड़ी इस प्रस्तावित सुविधा की जानकारी दी। ‘One Tag’ का मकसद FASTag सिस्टम को ज्यादा सुविधाजनक बनाना है, जिससे ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार Issuer Bank बदल सकें और हर बार नया FASTag लेने की जरूरत न पड़े।

मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तरह FASTag पोर्टेबिलिटी का विचार ग्राहकों को बैंक चुनने की ज्यादा आजादी देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

देश में करीब 13 करोड़ FASTag जारी

FASTag के जरिए देश में डिजिटल टोल कलेक्शन का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकार के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्गों पर करीब 98 प्रतिशत टोल कलेक्शन डिजिटल तरीके से FASTag के माध्यम से हो रहा है।

देश में अब तक करीब 13 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं। इतने बड़े यूजर बेस को देखते हुए सरकार FASTag से जुड़ी सेवाओं को ज्यादा आसान और सुविधाजनक बनाने पर जोर दे रही है।

टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत भी घटाने की तैयारी

FASTag में बैंक पोर्टेबिलिटी के अलावा सरकार टोल कलेक्शन सिस्टम को भी आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए AI, BarrierFree Tolling और FreeFlow Mobility जैसी टेकनालॉजी के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है।

इसका मेन फोकस भविष्य में टोल प्लाजा पर वाहनों को रोकने की जरूरत को कम करना है। नई तकनीक के जरिए वाहन की पहचान और टोल भुगतान को ज्यादा तेज और ऑटोमेटेड बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

Annual Pass से लेकर BarrierFree Tolling तक बदलाव

FASTag सिस्टम में आने वाले बदलाव केवल बैंक पोर्टेबिलिटी तक सीमित नहीं हैं। Annual Pass के जरिए टोल भुगतान को आसान बनाने और BarrierFree Tolling के माध्यम से टोल प्लाजा पर वाहनों की रुकने की जरूरत घटाने पर भी काम किया जा रहा है।

यानी आने वाले समय में FASTag व्यवस्था का फोकस सिर्फ डिजिटल भुगतान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वाहन चालकों के लिए टोल यात्रा को ज्यादा तेज, सुविधाजनक और कम बाधाओं वाला बनाने पर भी रहेगा।

आम लोगों के लिए क्यों जरूरी?

अगर One Tag सुविधा लागू होती है, तो FASTag यूजर्स को बैंक की सेवा बदलने के लिए नया टैग खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे नए FASTag की खरीद, पुराने टैग को हटाने और नया टैग लगाने जैसी अतिरिक्त प्रक्रिया से राहत मिल सकती है। खासतौर पर उन करोड़ों वाहन मालिकों के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है जो रोजाना राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करते हैं।

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