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​Jio Platforms IPO: खुलते ही बड़े निवेशकों का कोटा फुल, पहले घंटे में ही लगी 83% बोली

Jio Platforms IPO: शेयर बाजार में 21 अक्टूबर को रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO आम निवेशकों की बोली के लिए खुल गया है. बाजार में उतरते ही इस इश्यू ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा है. सुबह 10 बजे तक यानी बोली शुरू होने के पहले एक घंटे के भीतर ही पूरा इश्यू 83 फीसदी तक सब्सक्राइब हो चुका है. शुरुआती कारोबार के आंकड़े बताते हैं कि बड़े संस्थागत निवेशकों ने इस IPO को हाथोंहाथ लिया है. हालांकि बड़े प्लेयर्स के मुकाबले छोटे यानी रिटेल निवेशकों की तरफ से अभी माहौल थोड़ा शांत नजर आ रहा है.

​Jio Platforms IPO: खुलते ही बड़े निवेशकों का कोटा फुल, पहले घंटे में ही लगी 83% बोली

शुरुआती 30 मिनट में ही दिखा बड़े निवेशकों का दबदबा

जियो प्लेटफॉर्म्स के ₹30,213 करोड़ के इस बड़े IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी ने सबसे तगड़ी डिमांड दिखाई है. रिपोर्ट के मुताबिक सुबह जब इश्यू खुला तो शुरुआती 30 मिनट के अंदर ही QIB के लिए रिजर्व रखा गया पूरा हिस्सा 100 फीसदी सब्सक्राइब हो गया था. इसके बाद भी बड़े निवेशकों की तरफ से बोलियां लगाने का सिलसिला तेजी से जारी रहा. सुबह 10 बजे तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो QIB कैटेगरी में रिजर्व शेयरों के मुकाबले 2.86 गुना ज्यादा बिडिंग आ चुकी थी. ये आंकड़ा साफ तौर पर दिखाता है कि पहले घंटे की कुल बोलियों में संस्थागत निवेशकों की भागीदारी सबसे अधिक रही है.

रिटेल निवेशकों का क्या है हाल?

एक तरफ जहां बड़े संस्थागत निवेशकों ने पहले ही घंटे में अपना कोटा करीब तीन गुना भर दिया, वहीं दूसरी तरफ रिटेल निवेशकों की शुरुआती प्रतिक्रिया धीमी बनी हुई है. सुबह 10 बजे तक रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से में सिर्फ 13 फीसदी सब्सक्रिप्शन ही दर्ज किया गया. इसके अलावा नॉनइंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी NII कैटेगरी का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा, जहां पहले घंटे में 14 फीसदी बोलियां मिलीं.

अगर दूसरी रिजर्व कैटेगरी की बात करें तो वहां माहौल थोड़ा बेहतर दिखा है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के कर्मचारियों के लिए रखे गए हिस्से में सुबह 10 बजे तक 35 फीसदी सब्सक्रिप्शन हो चुका है. वहीं कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों के लिए आरक्षित कोटे में 26 फीसदी बोलियां लगी हैं. यहां ये ध्यान रखना जरूरी है कि ये सभी आंकड़े IPO के पहले दिन सुबह 10 बजे तक के ही हैं. बोली की अवधि के दौरान सब्सक्रिप्शन की ये स्थिति बदल सकती है. अब निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि अगले कारोबारी घंटों में रिटेल समेत अन्य कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन की रफ्तार कैसी रहती है.

IPO में OFS शामिल नहीं

जियो प्लेटफॉर्म्स के इस IPO से जुड़ी कुछ अहम बातें हर निवेशक के लिए जानना जरूरी हैं. कुल ₹30,213 करोड़ का ये IPO पूरी तरह से नए शेयर जारी करने वाला इश्यू है. इसमें ऑफर फॉर सेल यानी OFS का कोई भी हिस्सा शामिल नहीं है. कंपनी ने इस IPO के लिए प्रति शेयर ₹1065 से ₹1119 का प्राइस बैंड तय किया है. इस इश्यू से जुटाई गई रकम का एक बड़ा हिस्सा कंपनी के मौजूदा कर्ज को घटाने में इस्तेमाल किया जाएगा.

ग्रे मार्केट में तेजी

सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों के बीच ग्रे मार्केट में भी जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO की चर्चा है. ग्रे मार्केट में इस IPO का प्रीमियम यानी GMP ₹268 बताया गया है. अगर इसे ₹1119 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले देखें तो ये करीब 24 फीसदी के संभावित प्रीमियम का संकेत देता है. हालांकि निवेशकों के लिए ये समझना जरूरी है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम पूरी तरह अनौपचारिक होता है. ये सिर्फ अनुमान पर आधारित होता है. GMP कभी भी लिस्टिंग पर मिलने वाले वास्तविक भाव की गारंटी नहीं देता है. शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत इश्यू पूरा होने के बाद बाजार की स्थितियों के साथसाथ निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगी.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

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