
एक 72 वर्षीय बुजुर्ग के लिए एक अनजान वीडियो कॉल उठाना भारी पड़ गया। कॉल रिसीव करते ही स्क्रीन पर एक न्यूड युवती दिखाई दी। बुजुर्ग ने तुरंत कॉल काट दी और नंबर भी डिलीट कर दिया, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने उनकी जिंदगी मुश्किल में डाल दी।
कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर कथित आपत्तिजनक स्क्रीनशॉट भेजे गए और उन्हें धमकी दी गई कि यदि पैसे नहीं दिए तो तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे। डर और बदनामी के भय में बुजुर्ग कथित ब्लैकमेलिंग का शिकार हो गए।
आरोप है कि तीन दिनों के भीतर अलग-अलग बैंक खातों में उनसे करीब 32 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। बाद में पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू हुई।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें अदालत से सजा भी मिल चुकी है। वहीं, लंबे समय से फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से बैंक खाते खुलवाने में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान वीडियो कॉल को बिना पहचान के रिसीव न करें। यदि इस तरह की ब्लैकमेलिंग का सामना हो तो घबराने के बजाय तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें और किसी भी स्थिति में ब्लैकमेलरों को पैसे न भेजें।



