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​AAP सरकार में सवाल पूछना भी गुनाह? विरोध की आवाज़ को प्रताड़ना से दबाने के आरोप गंभीर: अमित तनेजा

गुलज़ार सिंह की मौत की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच की मांग, कहा— लोकतंत्र में सरकार का काम जवाब देना है, सवाल उठाने वालों को दबाना नहीं

​AAP सरकार में सवाल पूछना भी गुनाह? विरोध की आवाज़ को प्रताड़ना से दबाने के आरोप गंभीर: अमित तनेजा

जालंधर : भाजपा पंजाब के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं मीडिया पैनलिस्ट अमित तनेजा ने गुलज़ार सिंह की मृत्यु से जुड़े घटनाक्रम को बेहद गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच करवाने की मांग की है।

तनेजा ने कहा कि पंजाब में एक बेहद चिंताजनक पैटर्न दिखाई दे रहा है। सरकार की नाकामियों पर सवाल उठाने वालों के साथ कथित धमकी, दबाव और प्रताड़ना के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। “लोकतंत्र में सरकार का काम जनता के सवालों का जवाब देना है, सवाल उठाने वालों की आवाज़ दबाना नहीं।”

उन्होंने कहा कि सामने आए आरोपों के अनुसार दलित समुदाय से संबंध रखने वाले गुलज़ार सिंह, जिनका परिवार स्वयं नशे की समस्या से प्रभावित था, ने वित्त मंत्री से सवाल किया था कि पंजाब में नशे के कारोबार पर सरकार प्रभावी अंकुश क्यों नहीं लगा पा रही है। आरोप है कि इसके बाद उन्हें कथित रूप से प्रताड़ित एवं अपमानित किया गया और माफी मांगने के लिए दबाव बनाया गया।

तनेजा ने कहा कि आरोपों के मुताबिक इन परिस्थितियों से परेशान होकर गुलज़ार सिंह ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। उपचार के लिए उन्हें अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन अंततः उनकी जान नहीं बच सकी।

उन्होंने कहा, “एक पिता अपने बेटे को नशे की गिरफ्त में जाते देखकर सरकार से सवाल करता है तो उसे जवाब और सहारा मिलना चाहिए, कथित धमकी और प्रताड़ना नहीं। गुलज़ार सिंह के साथ वास्तव में क्या हुआ, इसका पूरा सच पंजाब के सामने आना चाहिए।”

अमित तनेजा ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ प्रदर्शन से जुड़े मोहनजीत सिंह के साथ कथित प्रताड़ना के आरोपों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के आरोप बारबार सामने आना गंभीर चिंता का विषय है। सरकार से असहमति, विरोध प्रदर्शन और सवाल पूछना लोकतंत्र में नागरिक का अधिकार है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि गुलज़ार सिंह मामले में परिवार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच हो। CCTV फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित किया जाए। वित्त मंत्री की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की भी निष्पक्ष जांच हो तथा जिसकी भी जिम्मेदारी सामने आए, उसके पद और राजनीतिक प्रभाव की परवाह किए बिना कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

तनेजा ने कहा, “AAP ने पंजाब से नशा खत्म करने के बड़ेबड़े वादे किए थे। आज नशे से पीड़ित परिवार सरकार से जवाब मांग रहे हैं। उनकी आवाज सुनने के बजाय उन्हें डराने या दबाने के आरोप लगना सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।”

उन्होंने कहा, “पंजाब लोकतंत्र से चलेगा, डर और दबाव से नहीं। सवाल पूछना कोई गुनाह नहीं है। गुलज़ार सिंह के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई निष्पक्ष जांच के जरिए पंजाब की जनता के सामने आनी चाहिए।”

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