
महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबाहरा वन क्षेत्र में रात के समय गश्त पर निकले वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट और दो अधिकारियों को कई घंटे तक बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वन भूमि पर कथित कब्जे को लेकर विवाद के दौरान कुछ लोगों ने रेंजर और डिप्टी रेंजर पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद बागबाहरा और खल्लारी थाना पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और करीब रात 12:30 बजे दोनों अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल अधिकारियों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
जंगली सूअर के अवैध शिकार की सूचना पर निकली थी टीम
बताया गया कि रेंजर अपने स्टाफ के साथ ढोंड परिसर के कक्ष क्रमांक 95 और 96 में जंगली सूअर के कथित अवैध शिकार और वन्यजीवों के मांस की बिक्री से जुड़ी सूचना की जांच के लिए रात में गश्त कर रहे थे।
इसी दौरान टीम तमोरा क्षेत्र में पहुंची, जहां कुछ लोगों के साथ विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि देखते ही देखते वहां मौजूद लोगों ने वन विभाग की टीम को घेर लिया और उनके साथ गाली-गलौज व मारपीट शुरू कर दी।
कर्मचारियों ने भागकर बचाई जान
बताया जा रहा है कि लाठी-डंडों से लैस लोगों की संख्या करीब एक दर्जन थी। स्थिति बिगड़ने पर वन विभाग के कुछ कर्मचारी किसी तरह वहां से निकल गए, लेकिन रेंजर और डिप्टी रेंजर मौके पर ही फंस गए।
आरोप है कि दोनों अधिकारियों के साथ मारपीट की गई, जिससे उन्हें चोटें आईं। इस दौरान रेंजर का पर्स और डिप्टी रेंजर का मोबाइल फोन भी ले लिया गया।
खेत के पास बने मकान में करीब 5 घंटे रखा बंधक
आरोप है कि मारपीट के बाद दोनों अधिकारियों को तमोरा वनखंड से लगे एक खेत में बने छोटे से मकान में ले जाया गया। वहां उन्हें कथित तौर पर शाम करीब 7:30 बजे से रात 12:30 बजे तक बंद रखा गया।
इस दौरान रेंजर ने किसी तरह वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को आपात संदेश भेजा। सूचना मिलते ही बागबाहरा और खल्लारी थाने की पुलिस टीम वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंची।
पुलिस पहुंची तो आरोपियों ने किया विरोध
पुलिस ने दोनों अधिकारियों को छोड़ने के लिए कहा, लेकिन आरोप है कि वहां मौजूद लोग पुलिस से भी उलझने लगे। इसके बाद पुलिस और वन विभाग की टीम ने सुरक्षा घेरा बनाकर दोनों अधिकारियों को बाहर निकाला।
दोनों घायल अधिकारियों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है।
9 लोगों के खिलाफ नामजद मामला
पुलिस ने मामले में 9 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार आरोपियों में प्रदीप ध्रुव, सुखराम, गणेश यादव, हेमिन बाई, चंदन, कलाबाई, लक्ष्मीबाई और संतकुमार समेत अन्य लोग शामिल हैं।
घटना के बाद सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
40 से 50 एकड़ वन भूमि पर खेती का दावा
वन विभाग के अनुसार, जुलाई में तमोरा जंगल में पौधरोपण के दौरान करीब 89 एकड़ वन भूमि पर कब्जे की जानकारी सामने आई थी। विभाग का दावा है कि कुछ लोगों ने वहां धान की खेती शुरू कर दी थी।
विभाग की कार्रवाई और समझाइश के बाद कुछ हिस्से से कब्जा हटाए जाने की बात कही गई है, लेकिन करीब 40 से 50 एकड़ क्षेत्र में अब भी धान की खेती किए जाने का दावा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वन अमले को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलने के बाद रात करीब 12:30 बजे दोनों अधिकारियों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया। मामले में आरोपियों की तलाश जारी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।



