Ayushman Card: आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। इस योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलता है, जो सरकार की तय पात्रता पूरी करते हैं। ऐसे में अगर आप आयुष्मान कार्ड बनवाने की सोच रहे हैं, तो पहले यह जान लेना जरूरी है कि आप इसके लिए पात्र हैं या नहीं। कई लोग ऐसे हैं, जिनका आयुष्मान कार्ड नहीं बनाया जाता।

इन लोगों का नहीं बनता आयुष्मान कार्ड
सरकार के नियमों के अनुसार आर्थिक रूप से संपन्न लोग, संगठित क्षेत्र में नौकरी करने वाले कर्मचारी, भविष्य निधि के सदस्य, कर्मचारी राज्य बीमा योजना का लाभ लेने वाले, सरकारी कर्मचारी, आयकर भरने वाले और अपना कारोबार करने वाले लोग आयुष्मान कार्ड बनवाने के पात्र नहीं माने जाते। यदि आप इनमें से किसी भी श्रेणी में आते हैं, तो आपको इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
किसे मिलता है योजना का फायदा
आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को इलाज की सुविधा देना है। पात्र परिवारों को आयुष्मान कार्ड जारी किया जाता है। इस कार्ड के जरिए सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज कराया जा सकता है। योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता सरकार के तय नियमों के अनुसार तय की जाती है।
हर साल 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज
आयुष्मान कार्ड धारकों को हर वित्तीय वर्ष में 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। इलाज का खर्च सरकार उठाती है। इस योजना के तहत कई गंभीर बीमारियों का इलाज भी शामिल है। हालांकि, मुफ्त इलाज केवल उन्हीं अस्पतालों में मिलता है, जो आयुष्मान भारत योजना से जुड़े हुए हैं।
ऐसे करें अस्पताल की जांच
अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड है, तो इलाज से पहले यह जरूर देख लें कि आपका अस्पताल योजना में शामिल है या नहीं। इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने शहर के पंजीकृत सरकारी और निजी अस्पतालों की सूची देख सकते हैं। इससे आपको इलाज के समय किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।



