अलीगढ़ के बीटेक के एक छात्र ने अपने हॉस्टल के कमरे में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र घनेंद्र चौधरी के रूप में हुई है। वह रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के इंदिरानगर इलाके में स्थित एक निजी छात्रावास में अकेले ही रहता था। पुलिस के अनुसार, बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12:30 बजे तक जब घनेंद्र कमरे से बाहर नहीं निकला तो हॉस्टल वार्डन ने रामगढ़ताल पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस आई और दरवाजा पीटती रही लेकिन लंबे समय तक जब कमरे के अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो दरवाजा तोड़ा गया, जहां घनेंद्र का शव पंखे से लटका हुआ मिला।

सुसाइड नोट में लिखी ऐसी बात
शव के पास ही पुलिस को छात्र के कमरे से एक पन्ने का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। सुसाइड नोट में छात्र ने लिखा, “मैं न तो एक अच्छा बेटा बन सका और न ही एक अच्छा छात्र। मां और पिताजी, कृपया मुझे माफ कर दें। मैं आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। मैं अगले जन्म में आपका बेटा बनकर लौटूंगा और आपके सपनों को पूरा करूंगा।”
इस घटना की सूचना फॉरेंसिक टीम को दी गई और टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी जांच पड़ताल की और बाद में घनेंद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। रामगढ़ताल थाना प्रभारी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्र के परिजनों को सूचना दे दी गई है, जो गोरखपुर के लिए रवाना हो गए हैं।
नीट यूजी के छात्र ने लगा ली फांसी
वहीं, लखीमपुर खीरी जिले में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यूजी के एक अभ्यर्थी ने बृहस्पतिवार को कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने घटना के पीछे परीक्षा रद्द होने से उत्पन्न मानसिक तनाव को कारण बताया है। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान रितिक मिश्रा के रूप में हुई है, जिसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पिता ने कहा, “पेपर लीक की खबरों के बाद नीट परीक्षा रद्द होने से रितिक काफी मानसिक तनाव में था। यह उसका तीसरा प्रयास था और उसे इस बार सफलता का पूरा भरोसा था, लेकिन परीक्षा रद्द होने से वह भावनात्मक रूप से टूट गया था।”



