कहा जाता है कि अच्छी सेहत की शुरुआत आपके पेट यानी गट हेल्थ से होती है। मेडिकल रिसर्च के मुताबिक हमारे शरीर की लगभग 70% इम्युनिटी पाचन तंत्र से जुड़ी होती है। ऐसे में पेट की समस्याएं केवल गैस, कब्ज या ब्लोटिंग तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य, एनर्जी लेवल और कई गंभीर बीमारियों को भी प्रभावित कर सकती हैं। आजकल खराब खानपान, तनाव, कम नींद और अनियमित लाइफस्टाइल की वजह से लोग ब्लोटिंग, गैस, कब्ज, एसिडिटी और दस्त जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं। इनसे राहत पाने के लिए कई लोग घरेलू नुस्खों और दवाओं का सहारा लेते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि गट हेल्थ सुधारने का सबसे असरदार तरीका अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करना है।

Jillian Kubala, जो रजिस्टर्ड डाइटिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट और हेल्थ राइटर हैं, उन्होंने एक लेख में बतया है कि रोजमर्रा की छोटीछोटी हेल्दी आदतें पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभाती हैं। सही खानपान, पर्याप्त पानी, फाइबर से भरपूर डाइट और बेहतर नींद जैसी आदतें गट माइक्रोबायोम को संतुलित रखने में मदद करती हैं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि कौनसे 5 आसान लाइफस्टाइल और डाइट बदलाव 30 दिनों के भीतर आपकी गट हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
डाइट में फाइबर का सेवन बढ़ाएं
फाइबर का सेवन बढ़ाना पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने का सबसे आसान तरीका माना जाता है। फाइबर आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देने का काम करता है और मल त्याग को नियमित और आसान बनाता है। यह शरीर में शॉर्टचेन फैटी एसिड्स के उत्पादन को भी बढ़ाता है। ये एसिड तब बनते हैं जब आंतों के बैक्टीरिया फाइबर को तोड़ते हैं। SCFAs बड़ी आंत की कोशिकाओं को ऊर्जा देते हैं, आंतों की परत को मजबूत बनाए रखते हैं और सूजन को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। रिसर्च बताती हैं कि डाइट में ज्यादा फाइबर शामिल करने से कब्ज कम हो सकता है और इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम , कोलन कैंसर और इंफ्लेमेटरी बॉवेल डिजीज जैसी बीमारियों का खतरा भी घट सकता है। रोजाना कम से कम 28 ग्राम फाइबर लेने की कोशिश करें। इसके लिए बीन्स, चिया सीड्स, बेरीज़ और एवोकाडो जैसे फाइबरयुक्त फूड्स को डाइट में शामिल करें।
बॉडी को हाइड्रेट रखें
आप कितना पानी पीते हैं, इसका असर आपकी गट हेल्थ पर सीधा पड़ता है। पर्याप्त पानी पीने से मल साफ्ट रहता है और आसानी से बाहर निकलता है। पानी शरीर में पोषक तत्वों को तोड़ने और उन्हें अवशोषित करने में भी मदद करता है। अगर शरीर में पानी की कमी हो जाए, तो कब्ज, सख्त मल, मल त्याग में कमी और बवासीर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। रिसर्च के मुताबिक पर्याप्त हाइड्रेशन स्वस्थ और संतुलित गट माइक्रोबायोम बनाए रखने के लिए भी जरूरी है। पानी पीने की आदत बढ़ाने के लिए काम के दौरान नियमित ब्रेक लें या बड़ी पानी की बोतल रखें और दिनभर उसे भरकर पीते रहें। नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिसिन के अनुसार पुरुषों को रोजाना लगभग 13 गिलास और महिलाओं को लगभग 9 गिलास पानी पीना चाहिए।
नियमित एक्सरसाइज करें
अगर आपका लाइफस्टाइल बहुत ज्यादा बैठकर काम करने वाला है, तो इसका असर आपके पाचन पर पड़ सकता है। रिसर्च बताती है कि जो लोग शारीरिक रूप से एक्टिव नहीं रहते, उनमें कब्ज और IBS जैसी समस्याओं का खतरा ज्यादा होता है। बैठकर रहने वाली जीवनशैली को कोलन कैंसर का बड़ा कारण भी माना जाता है।रिसर्च के अनुसार नियमित एक्सरसाइज पुरुषों में कोलन कैंसर का खतरा लगभग 24% और महिलाओं में लगभग 23% तक कम कर सकती है। शारीरिक गतिविधि आंतों की गति बढ़ाने, मल को पाचन तंत्र में आगे बढ़ाने और सूजन कम करने में मदद करती है। अगर आप अभी ज्यादा एक्टिव नहीं हैं, तो धीरेधीरे रोजाना की दिनचर्या में एक्सरसाइज शामिल करना शुरू करें।
डाइट की गुणवत्ता सुधारें
डाइट में सिर्फ फाइबर बढ़ाना ही नहीं, बल्कि पौष्टिक और गटफ्रेंडली फूड्स को डाइट में शामिल करना भी जरूरी है। प्रोबायोटिक्स से भरपूर फर्मेंटेड फूड्स जैसे किमची, सॉकरक्राउट और दही, साथ ही फल और सब्जियों जैसे एंटीइंफ्लेमेटरी फूड्स आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने और सूजन कम करने में मदद करते हैं। जहां पौष्टिक भोजन गट हेल्थ को बेहतर बनाता है, वहीं ज्यादा चीनी, अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड्स और रेड या प्रोसेस्ड मीट का अधिक सेवन पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है।
साइंस बेस्ड सप्लीमेंट का करें सेवन
हालांकि गट हेल्थ सुधारने में सबसे बड़ी भूमिका डाइट की होती है, लेकिन कुछ सप्लीमेंट्स भी पाचन संबंधी समस्याओं में राहत दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, इसबगोल जैसे फाइबर सप्लीमेंट कब्ज कम करने और आंतों के बैक्टीरिया का संतुलन सुधारने में मदद कर सकते हैं। ये किफायती भी होते हैं। कुछ लोगों के लिए प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स भी फायदेमंद हो सकते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें IBS, IBD या कब्ज जैसी समस्याएं हैं। हालांकि किसी भी गट हेल्थ सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें, खासकर अगर आपको पहले से कोई पाचन संबंधी बीमारी या लक्षण हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है। गट हेल्थ, डाइट और लाइफस्टाइल से जुड़ी सलाह हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। किसी भी नई डाइट, सप्लीमेंट या उपचार को अपनाने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन की सलाह जरूर लें। अगर आपको लंबे समय से पेट से जुड़ी समस्या है, तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें।



