Bajaj Consumer Share Price: शेयर बाजार में कभीकभी ऐसे मामले देखने को मिलते हैं जो निवेशकों को पूरी तरह हैरान कर देते हैं. बजाज कंज्यूमर केयर के शेयरधारकों के साथ 15 अक्टूबर को बिल्कुल ऐसा ही हुआ. कंपनी ने अपनी जुलाईसितंबर 2026 तिमाही के नतीजे पेश किए हैं. इन नतीजों में कंपनी का मुनाफा आसमान छूता दिखा, लेकिन जब बाजार खुला तो शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया. दिन के कारोबार में शेयर करीब 9 फीसदी तक टूट गया. ये भारी गिरावट निवेशकों के लिए एक बड़ा झटका है.

मुनाफे में उछाल फिर भी शेयर धड़ाम
कंपनी के आंकड़ों पर नजर डालें तो सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 65.9 फीसदी बढ़ गया है. ये बढ़कर 70.15 करोड़ रुपये हो गया है. ठीक एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी ने 42.28 करोड़ रुपये कमाए थे. ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू भी 25 फीसदी बढ़कर 332.83 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. सितंबर 2025 में ये 265.26 करोड़ रुपये था. इतनी मजबूत रिपोर्ट के बावजूद शेयर में भारी बिकवाली हुई. शेयर 471.50 रुपये के निचले स्तर तक आ गया. इस गिरावट के चलते कंपनी का कुल मार्केट कैप घटकर 6200 करोड़ रुपये रह गया है.
खर्च मार्जिन की पूरी रिपोर्ट
कंपनी ने अपने खर्च के आंकड़े भी बाजार को बताए हैं. सितंबर 2026 तिमाही में कुल खर्च 14.87 प्रतिशत बढ़कर 254.67 करोड़ रुपये रहे. अगर कंपनी की ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन से पहले की कमाई की बात करें तो ये 71 प्रतिशत बढ़कर 82 करोड़ रुपये हो गई है. पिछले साल इसी समय ये महज 48 करोड़ रुपये थी. कंपनी का EBITDA मार्जिन भी सुधरा है. ये 18.1 प्रतिशत से बढ़कर अब 24.7 प्रतिशत हो गया है.
कारोबार से जुड़ी अहम बातें
बजाज कंज्यूमर केयर अगस्त 2010 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी. ये कंपनी बालों की देखभाल, स्किन केयर जैसे प्रोडक्ट बनाती है. बाजार में बिकने वाले बजाज आल्मंड ड्रॉप्स, बजाज आंवला एलोवेरा, बजाज सरसों तेल जैसे मशहूर प्रोडक्ट इसी कंपनी के हैं. कंपनी का कहना है कि उसका घरेलू बाजार में बिजनेस लगातार मजबूत हो रहा है. अप्रैल से सितंबर 2026 की छमाही में रेवेन्यू में 30 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है. सिर्फ देश में ही नहीं, विदेशी बाजार में भी कंपनी का कारोबार काफी तेजी से फैल रहा है.
दो साल में पैसा किया डबल
इस शेयर का पुराना इतिहास निवेशकों के लिए काफी फायदेमंद रहा है. कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है. ये शेयर बीएसई 1000 इंडेक्स का एक अहम हिस्सा है. बीते एक साल में इस शेयर ने 78 प्रतिशत की मजबूती दिखाई है. वहीं दो साल में इसने अपने निवेशकों का पैसा दोगुना कर दिया है. हालांकि पिछले 3 महीनों में इसकी कीमत में 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. सितंबर 2026 के अंत तक कंपनी के प्रमोटर्स के पास इसकी 42.97 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. बीएसई पर शेयर का 52 हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर 691.15 रुपये है, जबकि सबसे निचला स्तर 242.80 रुपये रहा है.



