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​बांके बिहारी मंदिर में प्रसाद फेंक कर चढ़ाने पर रोक, सूचना बोर्ड पर लिखा- ‘दंडनीय’

Mathura News: मथुरा के वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए एक सूचना जारी की गई है. मंदिर परिसर में लगाए गए सूचना बोर्ड पर ठाकुरजी की ओर मिठाई, पेड़ा या अन्य प्रसाद फेंककर चढ़ाने को दंडनीय बताया गया है. इस सूचना के सामने आने के बाद मंदिर की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं. हाई पावर कमेटी के सदस्य हिमांशु गोस्वामी ने भी इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मंदिर में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे भक्तों को प्रसाद चढ़ाने में परेशानी न हो.

​बांके बिहारी मंदिर में प्रसाद फेंक कर चढ़ाने पर रोक, सूचना बोर्ड पर लिखा- ‘दंडनीय’

मंदिर में प्रसाद फेंकने पर रोक

ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं. भक्त अपने आराध्य के लिए मिठाई, पेड़ा और अन्य प्रसाद लेकर आते हैं. मंदिर परिसर में लगाए गए सूचना बोर्ड पर श्रद्धालुओं को ठाकुरजी की ओर प्रसाद या दूसरी सामग्री फेंककर चढ़ाने से मना किया गया है. बोर्ड पर इसे दंडनीय बताया गया है. इस सूचना में इस्तेमाल किए गए ‘दंडनीय’ शब्द को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. सवाल उठ रहा है कि जब भक्त पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ मंदिर पहुंचते हैं तो उनके लिए प्रसाद चढ़ाने की उचित व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है?

भंडारियों की संख्या कम होने से बढ़ी परेशानी?

हाई पावर कमेटी के सदस्य हिमांशु गोस्वामी ने मंदिर की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि पहले मंदिर में पर्याप्त संख्या में भंडारी मौजूद रहते थे. ये भंडारी श्रद्धालुओं से प्रसाद लेकर गोस्वामी तक पहुंचाते थे. इसके बाद गोस्वामी उस प्रसाद को ठाकुर बांके बिहारी के चरणों तक पहुंचाने का काम करते थे.

हिमांशु गोस्वामी के मुताबिक, बाद में हाई पावर कमेटी की ओर से मंदिर के अंदर भंडारियों की संख्या घटाकर केवल दो कर दी गई. उनका दावा है कि इसके बाद प्रसाद को व्यवस्थित तरीके से ठाकुरजी तक पहुंचाने में परेशानी बढ़ी. इसी वजह से कुछ श्रद्धालु प्रसाद ठाकुरजी की ओर फेंकने लगे.

‘क्या भक्तों को दंड देने के लिए बनी है कमेटी?’

हिमांशु गोस्वामी ने सूचना बोर्ड पर लिखे ‘दंडनीय’ शब्द पर भी सवाल उठाया है. उनका कहना है कि हाई पावर कमेटी का उद्देश्य श्रद्धालुओं को दंडित करना नहीं, बल्कि मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना होना चाहिए. उन्होंने कहा कि भक्त ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन के लिए श्रद्धा और भावना लेकर आते हैं. ऐसे में उनकी सुविधा का ध्यान रखना जरूरी है. प्रसाद चढ़ाने में परेशानी होने पर केवल रोक लगाने के बजाय इसका समाधान निकाला जाना चाहिए.

पहले जैसी व्यवस्था बहाल करने की मांग

हिमांशु गोस्वामी ने सुझाव दिया कि मंदिर में पहले की तरह पर्याप्त संख्या में भंडारियों की व्यवस्था की जाए. इससे श्रद्धालुओं का प्रसाद सही तरीके से स्वीकार किया जा सकेगा और उसे ठाकुरजी तक पहुंचाने में भी आसानी होगी. फिलहाल मंदिर में प्रसाद चढ़ाने को लेकर जारी सूचना और उस पर उठ रहे सवालों ने व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है. अब देखना होगा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर की व्यवस्था के बीच तालमेल बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.

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