: योगी सरकार में अवैध कोडीन कफ सिरप कारोबार और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रही है। यूपी STF ने अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध कोडीन कफ सिरप की तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले में अवैध कोडीन कफ सिरप की 30 हजार शीशी बरामद की हैं और 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर घेराबंदी कर पकड़ा गया गिरोह
यूपी STF को जानकारी मिली थी कि एक अंतरराज्यीय गिरोह दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ से अवैध कोडीन कफ सिरप लाकर यूपी, बिहार, झारखंड और मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में सप्लाई करता है। सूचना मिलने के बाद 3 सितंबर, गुरुवार को प्रयागराज एसटीएफ की टीम ने बांदा में घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान STF ने करीब 3 करोड़ रुपये की कीमत की 30 हजार शीशी अवैध कोडीन कफ सिरप बरामद की। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें बांदा के धीरेन्द्र कुमार, अतर्रा के प्रवीण कुमार उर्फ लकी और रोहित पांडेय और हापुड़ के शेखर सिंह शामिल हैं।
भारी मात्रा में कफ सिरप बरामद
STF को सूचना मिली थी कि कुछ लोग डीसीएम में अवैध कोडीन कफ सिरप लेकर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के रास्ते अतर्रा की ओर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर टीम ने बिसंडाअतर्रा मार्ग पर उत्तरी गोल चौराहे के पास घेराबंदी की। एसटीएफ ने डीसीएम के आगे चल रही लाल रंग की टाटा नेक्सॉन कार और डीसीएम को रोककर तलाशी ली। दोनों वाहनों से बड़ी संख्या में अवैध कोडीन कफ सिरप की शीशियां मिलीं। मौके से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
मेडिकल स्टोर की जगह नशे के लिए करते थे सप्लाई
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक गिरोह है, जो कोडीन कफ सिरप की अवैध तरीके से तस्करी करता था। वे इस सिरप को नशे के लिए यूपी और मध्यप्रदेश के अलगअलग जिलों में सप्लाई करते थे।
वाहन चालक को अलग से मिलता था 25 हजार रुपये का इनाम
जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य दिल्ली के द्वारका की एक फार्मा कंपनी से कोडीन कफ सिरप लाते थे। इसके बाद , अतर्रा, चित्रकूट और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में मेडिकल स्टोर की बजाय इसे नशे के लिए बेचते थे। गिरोह सिरप के रैपर बदलकर उसे ज्यादा कीमत में बेचता था। बिक्री से होने वाला मुनाफा सभी सदस्य आपस में बांट लेते थे। वहीं, सिरप की खेप को सुरक्षित जगह तक पहुंचाने वाले वाहन चालक को अलग से 25 हजार रुपये इनाम दिया जाता था।
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फर्जी GST बिल के जरिए तैयार किए जा रहे थे कागजात
STF की पूछताछ में गिरोह के काम करने का एक और तरीका सामने आया। आरोपियों ने बताया कि कोडीन कफ सिरप की सप्लाई और बिक्री के लिए फर्जी GST बिल और इनवॉइस तैयार किए जाते थे। इन दस्तावेजों में हमीरपुर की एक मेडिकल एजेंसी के नाम का इस्तेमाल किया जाता था। जांच में पता चला कि जिस फर्म के नाम से कागजात बनाए जा रहे थे, उसे वाणिज्य कर विभाग पहले ही फर्जी घोषित कर चुका था। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के सहारे सिरप का अवैध कारोबार चलाया जा रहा था।
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80 लाख की हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की वाराणसी यूनिट ने सोनभद्र के करमा थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए हिमांशु गौतम को गिरफ्तार किया है। उसके पास से करीब 80 लाख रुपये की हेरोइन बरामद हुई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह हेरोइन को छोटीछोटी पुड़िया में भरकर लोगों तक पहुंचाता था। पुलिस अब इस मामले से जुड़े दूसरे लोगों और तस्करी के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।



