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बाराबंकी :  मौत के बाद भी समाज के काम आएगा रोहित का शरीर

बाराबंकी, अमृत विचार : युवा फार्मेसिस्ट रोहित सिंह ने मरणोपरांत अपना शरीर चिकित्सा शिक्षा और शोध के लिए दान करने का संकल्प लेकर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। 32 वर्षीय रोहित सिंह शहर के दशहराबाग मोहल्ले के निवासी हैं। उन्होंने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ के एनाटॉमी विभाग को देहदान करने का संकल्प लिया है।

रोहित ने बताया कि वह लंबे समय से चाहते थे कि मृत्यु के बाद उनका शरीर मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और शोध के काम आए, ताकि भविष्य में किसी मरीज की जान बचाने में भी उनका योगदान हो सके। उनके इस निर्णय को परिवार ने भी पूरा समर्थन दिया है। 

रोहित ने कहा कि यदि उनके शरीर से किसी छात्र को सीखने में मदद मिले और वह आगे चलकर अच्छा डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करे तो इससे बढ़कर उनके लिए कुछ नहीं होगा। उन्होंने बताया कि वह अमेठी जिले के गंगागंज में होम्योपैथिक क्लिनिक चलाते हैं। केजीएमयू के एनाटॉमी विभाग ने रोहित सिंह और उनके परिवार के इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया है। रोहित का कहना है कि मृत्यु के बाद भी उनका शरीर समाज के काम आए, इससे बड़ा सौभाग्य उनके लिए कुछ नहीं हो सकता।

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