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बठिंडा: पिता की नशे की लत’ से परेशान 12 साल की बच्ची नहर में कूदने पहुंची, पुलिस ने समय रहते बचाई जान.

बठिंडा: पिता की नशे की लत’ से परेशान 12 साल की बच्ची नहर में कूदने पहुंची, पुलिस ने समय रहते बचाई जान.

बठिंडा में एक 12 वर्षीय बच्ची अपने पिता की नशे की लत और घरेलू परेशानियों से इतनी परेशान हो गई कि उसने अपनी जान देने का मन बना लिया। देर रात बच्ची नहर के पास पहुंची और उसमें छलांग लगाने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान गश्त कर रही पुलिस टीम की नजर उस पर पड़ गई और पुलिसकर्मियों ने समय रहते उसे रोक लिया।

पुलिस की तत्परता से बच्ची की जान बच गई। पूछताछ के दौरान बच्ची ने अपने परिवार से जुड़ी ऐसी बातें बताईं, जिससे उसकी मानसिक और पारिवारिक स्थिति का अंदाजा हुआ।

नहर में छलांग लगाने की तैयारी कर रही थी बच्ची

घटना देर रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। पुलिस की पीसीआर टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने एक बच्ची को नहर के पास संदिग्ध हालत में देखा।

पुलिसकर्मी उसके पास पहुंचे और उसे नहर में जाने से रोक लिया। बच्ची काफी डरी और सहमी हुई थी। बातचीत के दौरान उसने बताया कि वह अपने पिता की वजह से काफी परेशान है और इसी कारण नहर में कूदकर अपनी जान देने का फैसला कर चुकी थी।

पिता की नशे की लत से परेशान थी बच्ची

बच्ची ने पुलिस को बताया कि उसका पिता नशे का आदी है। उसकी मां भी पिता की हरकतों और घरेलू परेशानियों से तंग आकर घर छोड़कर चली गई है। बच्ची का आरोप है कि उसका पिता उसे और उसके भाई को भी परेशान करता रहता है।

इन्हीं परिस्थितियों के कारण बच्ची अपने चाचा और दादी के साथ रह रही थी, जो उसके पिता से अलग रहते हैं।

घटना वाली रात भी पिता ने किया था परेशान

बच्ची के मुताबिक, घटना वाली रात उसके पिता ने काफी नशा किया हुआ था। नशे की हालत में पिता ने उसे परेशान किया, जिसके बाद बच्ची बेहद तनाव में आ गई।

इसी परेशानी के बीच उसने घर से निकलकर नहर में छलांग लगाने का फैसला कर लिया। वह नहर तक पहुंच भी गई थी, लेकिन इससे पहले कि वह कोई कदम उठाती, पुलिस की नजर उस पर पड़ गई।

पुलिस ने सुरक्षित चाचा-दादी के पास पहुंचाया

पुलिस टीम ने बच्ची को समझाया और उसे सुरक्षित अपने वाहन में बैठाया। इस दौरान मौके से गुजर रहे कुछ स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की मदद की।

इसके बाद पुलिस बच्ची को उसके चाचा और दादी के पास लेकर पहुंची। पुलिस ने उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी और बच्ची की मानसिक स्थिति तथा उसके पिता की ओर से होने वाली कथित परेशानी के बारे में बताया।

बच्ची के चाचा और दादी ने उसकी देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी ली। उन्होंने पुलिस को भरोसा दिलाया कि आगे से बच्ची और उसके भाई का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी घटना

इस घटना में पुलिस की समय पर दिखाई गई सतर्कता बेहद अहम रही। अगर गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों की नजर बच्ची पर नहीं पड़ती, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।

फिलहाल बच्ची को उसके चाचा और दादी के संरक्षण में सुरक्षित पहुंचा दिया गया है। मामले में परिवार की परिस्थितियों को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि बच्ची और उसके भाई को आगे किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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