नई दिल्ली: भगवान जगन्नाथ पर आधारित एनिमेटेड फीचर फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ‘ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। रथ यात्रा के अवसर पर रिलीज होने वाली इस फिल्म के प्रदर्शन पर ओडिशा में रोक लगा दी गई है। फिल्म के कुछ दृश्यों को लेकर धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने आपत्ति जताई है। आरोप है कि इसमें भगवान जगन्नाथ के स्वरूप और उनसे जुड़ी धार्मिक परंपराओं को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

फिल्म पौराणिक कथाओं पर आधारित है और इसमें भगवान जगन्नाथ के जीवन तथा पुरी की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा की उत्पत्ति और उससे जुड़ी मान्यताओं को दर्शाने का प्रयास किया गया है। हालांकि, फिल्म के टीजर और कुछ दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद शुरू हो गया।
वायरल दृश्यों पर उठे सवाल
धार्मिक संगठनों का आरोप है कि फिल्म के कुछ दृश्य स्थापित धार्मिक मान्यताओं और श्रीजगन्नाथ मंदिर की परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं। साथ ही, कहानी में ली गई रचनात्मक स्वतंत्रता पर भी सवाल उठाए गए हैं। विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े पात्रों और घटनाओं को काल्पनिक रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया, जहां कई लोगों ने मांग की कि कथित आपत्तिजनक दृश्यों को हटाए बिना फिल्म को रिलीज न किया जाए।
हाई कोर्ट पहुंचा मामला
फिल्म के खिलाफ ओडिशा हाई कोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि फिल्म में भगवान जगन्नाथ का चित्रण धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप नहीं है और इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म का टीजर जारी होने के बाद से ही इस पर विवाद शुरू हो गया था।
फिलहाल फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगी हुई है और मामले पर कानूनी प्रक्रिया जारी है। वहीं, फिल्म निर्माताओं की ओर से इस विवाद पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



