
फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में श्रीमद्भागवत कथा के समापन के बाद गंगा घाट पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अपने बच्चों को नदी में नहलाने उतरा 30 वर्षीय संतोष गहरे पानी में चला गया। कुछ ही देर में वह लापता हो गया। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। पुलिस और स्थानीय गोताखोर उसकी तलाश में जुटे हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार उसका कोई सुराग नहीं मिल सका था।
यह घटना कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के जीराऊ गांव के संतोष के साथ हुई। गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया था। सोमवार को कथा का समापन होने के बाद कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा में शामिल श्रद्धालु कलश विसर्जन के लिए गंगा घाट पहुंचे थे।
बच्चों को नहलाते समय गहरे पानी में चला गया संतोष
कलश विसर्जन के बाद संतोष अपने बच्चों को गंगा में नहलाने के लिए नदी में उतरा था। इसी दौरान वह गहरे पानी की ओर चला गया और अचानक लापता हो गया। घाट पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।
घटना के बाद घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद तलाश अभियान शुरू किया गया।
पुलिस और गोताखोर कर रहे तलाश
सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे। संतोष का पता लगाने के लिए गंगा में तलाश की गई, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी उसकी जानकारी नहीं मिल सकी थी।
परिजनों और ग्रामीणों की निगाहें गंगा की ओर लगी हुई हैं। परिवार के लोग किसी अनहोनी की आशंका से परेशान हैं और संतोष के मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
संतोष के लापता होने की खबर गांव पहुंचते ही परिवार और ग्रामीण घाट पर जमा हो गए। जिस धार्मिक आयोजन का समापन श्रद्धालुओं के लिए खुशी का अवसर था, वह परिवार के लिए गहरे दुख और चिंता में बदल गया।
फिलहाल पुलिस और गोताखोर संतोष की तलाश में जुटे हुए हैं। उसकी स्थिति के बारे में आगे की जानकारी तलाश अभियान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। घटना और तलाश अभियान से जुड़ी नई जानकारी सामने आने पर विवरण बदल सकता है।



