
मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले में कथित तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। बासोपट्टी थाना क्षेत्र के जानकीनगर और दुहबी बाजार में NIA, CBI, SSB और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई कथित तस्कर हीरा महासेठ उर्फ ‘चाची’ से जुड़े नेटवर्क की जांच के तहत की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार तड़के करीब 3 बजे से ही दोनों इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ इलाके की घेराबंदी की गई। कई वाहनों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई और लोगों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी गई।
भारत-नेपाल सीमा पर भी बढ़ाई गई सुरक्षा
कार्रवाई के दौरान भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सीमा के दूसरी ओर नेपाली क्षेत्र में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों, उनके ठिकानों और कारोबार से संबंधित जानकारी जुटा रही हैं।
चरस के साथ पकड़े गए आरोपी से जुड़े तार
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई जानकीनगर से चरस के साथ गिरफ्तार कृष्णा ठाकुर और कथित तस्कर हीरा महासेठ उर्फ ‘चाची’ से जुड़े नेटवर्क की जांच के सिलसिले में हो रही है।
करीब 60 वर्षीय हीरा देवी महासेठ को सितंबर में गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई थी। उसके खिलाफ जाली नोट, चरस, गांजा, ब्राउन शुगर और शराब की कथित तस्करी से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों को उसके मोबाइल फोन से कुछ अहम जानकारी मिलने का दावा किया गया है।
परिवार के सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क में परिवार के अलग-अलग सदस्यों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, हीरा महासेठ के बड़े बेटे राजीव महासेठ के नेपाल के काठमांडू में कारोबार और संपत्तियों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
हीरा महासेठ के पति भरत महासेठ को भी पहले जाली नोट से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। जाली नोट के नमूनों की फॉरेंसिक जांच भी कराई गई थी।
419 किलो गांजा मामले से भी जुड़ रहे तार
जांच के दौरान बासोपट्टी के विनोद सहनी का नाम भी सामने आया है। इससे पहले STF ने उसे कथित तौर पर 419 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका भी जांच के दायरे में आई थी।
विनोद सहनी की गिरफ्तारी के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष को निलंबित किए जाने और डायल-112 से जुड़े दो चालकों पर मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में मामले की जांच NCB को सौंपे जाने की बात कही गई।
NIA कर रही जाली नोट मामले की जांच
हीरा महासेठ की गिरफ्तारी के बाद जाली नोट से जुड़े मामले की जांच NIA को सौंपे जाने की जानकारी है। एजेंसी कथित नेटवर्क से जुड़े स्थानीय कारोबारियों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
इसके अलावा नेपाल में बड़ी मात्रा में गांजा बरामदगी से जुड़े एक मामले के तार भी कथित तौर पर इसी नेटवर्क से जोड़कर देखे जा रहे हैं। हालांकि इन सभी कड़ियों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल NIA, CBI, SSB और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई जारी है। एजेंसियां कथित तस्करी नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन, सीमा पार संपर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। मामले में आधिकारिक तौर पर सामने आने वाली जानकारी के बाद तस्वीर और साफ होगी।



