जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को बड़ा झटका लगा है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का 12A रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है. इसका मतलब है कि अब इसे इनकम टैक्स से छूट नहीं मिलेगी और इसे ‘व्यक्तियों का संघ’ माना जाएगा. यह कार्रवाई 202021 से 202324 की अवधि के लिए की गई है. आदेश में ट्रस्ट की गतिविधियों को अनियमित और जनहित के खिलाफ बताया गया है. ऐसे में अब ट्रस्ट को टैक्स, ब्याज और जुर्माने की वसूली का सामना करना पड़ेगा.

इससे पहले, आजम खान और उनके सहयोगियों के यहां इनकम टैक्स के छापे पड़े थे. मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, जौहर ट्रस्ट के तहत चलती है. आजम इस ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी और यूनिवर्सिटी के आजीवन चांसलर हैं. टैक्स से मिलने वाले फायदों के खत्म होने से ट्रस्ट की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है.
आदेश में ट्रस्ट की गतिविधियों को अनियमित और जनहित के खिलाफ बताया गया है. अब ट्रस्ट को भारी टैक्स, ब्याज और जुर्माने की वसूली का सामना करना पड़ेगा. जौहर ट्रस्ट अब कोई भी गतिविधि नहीं कर पाएगा. जांच में ट्रस्ट की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं; आरोप है कि ट्रस्ट किसी भी जनकल्याण के काम में शामिल नहीं था, जबरन चंदा वसूला गया और डमी ट्रस्टी नियुक्त किए गए थे.
ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी को जारी किए थे नोटिस
बताया जाता है कि इससे पहले, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किए थे. ये नोटिस वित्तीय अनियमितताओं, टैक्स चोरी और सरकारी फंड के कथित दुरुपयोग की जांच के सिलसिले में भेजे गए थे. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 17 जून को ये नोटिस जारी किए थे.
₹450 करोड़ की अनियमितताएं आई थीं सामने
इनकम टैक्स सूत्रों के मुताबिक, कुछ साल पहले की गई जांच के दौरान अहम सबूत जुटाए गए थे. उन दस्तावेजों और जब्त सबूतों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया था. आजम खान और उनके करीबी सहयोगियों के खिलाफ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की कार्रवाई के बाद, लगभग ₹450 करोड़ की अनियमितताएं सामने आई थीं.



