Vaibhav Sooryavanshi: भारतीय क्रिकेट में इस समय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार प्रदर्शन के दम पर कम उम्र में ही उन्होंने क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अब वैभव अपने करियर के एक नए और अहम पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं, क्योंकि उन्हें जल्द ही आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के साथ जाने का मौका मिलने वाला है।

परिवार का साथ रहेगा सबसे बड़ी ताकत
यह दौरा वैभव सूर्यवंशी के लिए खास होने वाला है, क्योंकि यह उनके करियर का पहला सीनियर भारतीय टीम दौरा माना जा रहा है। इतनी कम उम्र में विदेशी परिस्थितियों में खेलने और लंबे समय तक घर से दूर रहने की चुनौती को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने एक विशेष फैसला लिया है। बोर्ड ने वैभव के मातापिता को भी इस दौरे पर उनके साथ रहने की अनुमति दे दी है।
BCCI उठाएगा पूरा खर्च
रिपोर्ट्स के अनुसार, बोर्ड केवल अनुमति ही नहीं देगा बल्कि वैभव के मातापिता के यात्रा और ठहरने से जुड़ा पूरा खर्च भी वहन करेगा। BCCI का मानना है कि परिवार की मौजूदगी युवा खिलाड़ी को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने में मदद करेगी और वह नए माहौल में आसानी से खुद को ढाल सकेंगे।
सचिव देवाजीत सैकिया ने दी जानकारी
सचिव देवाजीत सैकिया ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि वैभव अभी काफी युवा हैं और ऐसे में परिवार का साथ उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। उन्होंने बताया कि बोर्ड चाहता है कि वैभव विदेशी दौरे के दौरान सहज महसूस करें और पूरी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें। इसी सोच के तहत उनके मातापिता को भी साथ भेजने का निर्णय लिया गया है।
सचिन तेंदुलकर की याद दिलाता फैसला
भारतीय क्रिकेट इतिहास में ऐसा नजारा बहुत कम देखने को मिला है। साल 1989 में जब सचिन तेंदुलकर ने मात्र 16 वर्ष की उम्र में पाकिस्तान दौरे पर भारतीय टीम के लिए पदार्पण किया था, तब उनके बड़े भाई अजीत तेंदुलकर उनके साथ गए थे। अब कई दशक बाद वैभव सूर्यवंशी के मामले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल सकता है। को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है। अब वो भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बनने जा रहे हैं।



