India

चेन्नई की विशेष CBI अदालत का बड़ा फैसला; फर्जी पासपोर्ट मामले में गैंगस्टर छोटा राजन को 7 साल की सजा

CBI Gangster Chhota Rajan Sentenced 7 Years In Prison: चेन्नई की विशेष सीबीआई अदालत ने गुरुवार को गैंगस्टर छोटा राजन को फर्जी पासपोर्ट मामले में दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो के अनुसार, यह मामला वर्ष 2002 में दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप था कि छोटा राजन ने जाली दस्तावेजों और फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर चेन्नई के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से भारतीय पासपोर्ट हासिल किया था।

जांच में सामने आया कि उसने ‘विजया कदम’ नाम से आवेदन किया और उम्र तथा पते के प्रमाण के रूप में ट्रांसफर सर्टिफिकेट, राशन कार्ड सहित अन्य फर्जी दस्तावेज जमा किए। बाद में जांच में स्पष्ट हुआ कि ‘विजया कदम’ के नाम से आवेदन करने वाला व्यक्ति वास्तव में गैंगस्टर छोटा राजन उर्फ राजेंद्र उर्फ नाना था। सीबीआई ने 2004 में इस मामले में आरोपपत्र दाखिल किया था। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने आरोपी को धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी पहचान का इस्तेमाल और झूठे दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट प्राप्त करने का दोषी मानते हुए सजा सुनाई। फिलहाल छोटा राजन दिल्ली की तिहाड़ जेल में पहले से ही उम्रकैद की सजा काट रहा है।

सीबीआई कोर्ट का बड़ा फैसला

सीबीआई ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी कि गुरुवार को आरोपी छोटा राजन उर्फ विजया कदम उर्फ राजेंद्र उर्फ नाना को धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज बनाने, किसी और का नाम इस्तेमाल करके धोखाधड़ी करने और पासपोर्ट पाने के लिए जानबूझकर झूठे दस्तावेज जमा करने के अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया और 55,000 रुपए के जुर्माने के साथ सात वर्ष की सजा सुनाई गई।

तिहाड़ जेल में पहले से काट रहा है उम्रकैद की सजा

सीबीआई ने आगे जानकारी दी कि दोषी छोटा राजन अभी नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है, जहां वह पहले से ही की सख्त सजा काट रहा है। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो ने आरोपी छोटा राजन उर्फ विजया कदम उर्फ राजेंद्र उर्फ नाना के खिलाफ 19 मार्च 2002 को दर्ज किया था।

आरोप था कि छोटा राजन ने जाली दस्तावेज जमा करके पासपोर्ट के लिए आवेदन किया और उसे हासिल किया। उसने चेन्नई के रीजनल पासपोर्ट ऑफिस के साथ धोखाधड़ी की।

जाली दस्तावेजों से किया था आवेदन

जांच में पता चला कि आरोपी छोटा राजन ने स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट, राशन कार्ड, डीडी वगैरह जैसे झूठे दस्तावेज जमा करके विजया कदम के नाम से भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। जांच में यह भी पता चला कि विजया कदम का असली नाम राजेंद्र उर्फ नाना उर्फ छोटा राजन था, जो मुंबई के रहने वाले सदाशिव का बेटा था।

फर्जी पासपोर्ट मामले में दोषी करार

आरोपी छोटा राजन ने ‘विजया कदम’ बनकर और उम्र व पते के सबूत के तौर पर जाली दस्तावेज जमा करके चेन्नई के रीजनल पासपोर्ट ऑफिस से धोखाधड़ी और बेईमानी से पासपोर्ट हासिल किया था और पासपोर्ट पाने के लिए उन दस्तावेजों को असली बताकर इस्तेमाल किया था।

जांच के बाद ने आरोपी छोटा राजन के खिलाफ 22 जनवरी 2004 को चार्जशीट दाखिल की। ​​सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया और सजा सुनाई।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply