शेयर बाजार में एक वक्त ऐसा भी था जब आईटी कंपनियों के शेयर निवेशकों की पहली पसंद हुआ करते थे. लेकिन, बीते कुछ महीनों में इन शेयरों ने आम निवेशकों का कड़ा इम्तिहान लिया है. लगातार टूटते भाव और बाजार की सुस्ती ने लोगों का भरोसा डगमगा दिया है. हालांकि, बाजार के जानकारों के आंकड़े अब एक बिल्कुल नई तस्वीर पेश कर रहे हैं. निफ्टी आईटी इंडेक्स अपने 18 साल पुराने एक ऐसे ऐतिहासिक सपोर्ट लेवल पर आ खड़ा हुआ है, जो लंबी अवधि के निवेशकों की झोली भर सकता है. इतिहास गवाह है कि जब भी निफ्टी आईटी इस खास स्तर तक फिसला है, उसके बाद बाजार में एक शानदार और लंबी रिकवरी देखने को मिली है. ऐसे में निवेशकों की नजरें अब सीधे तौर पर इन्फोसिस, कोफोर्ज तथा पर्सिस्टेंट सिस्टम्स जैसी दिग्गज कंपनियों पर टिक गई हैं.

टेक शेयरों में भारी गिरावट की असली वजह
दिसंबर 2024 के बाद से ही घरेलू शेयर बाजार की तुलना में तकनीकी सेक्टर का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है. इस गिरावट के पीछे कई बड़े वैश्विक कारण जिम्मेदार रहे हैं. अमेरिका में आईटी सेवाओं पर होने वाले खर्च में अचानक आई कमी ने इस सेक्टर की कमर तोड़ दी है. इसके साथ ही, विदेशी बाजारों में मंदी की आहट, डॉलर के भाव में हो रहा तेज उतारचढ़ाव तथा ग्लोबल आउटसोर्सिंग की मांग में आई सुस्ती ने निवेशकों को इन शेयरों से दूर कर दिया. विदेशी अनिश्चितता के कारण बाजार में एक दबाव का माहौल बन गया, जिसने निफ्टी आईटी इंडेक्स को निचले स्तरों की तरफ धकेल दिया.
बाजार को मजबूती दे रहा ये सपोर्ट लेवल
चार्ट के आंकड़े इस वक्त निवेशकों के लिए एक बेहद दिलचस्प कहानी बयां कर रहे हैं. निफ्टी आईटी इंडेक्स आज जिस अहम सपोर्ट जोन में खड़ा है, उसने साल 2009 से लेकर अब तक हर मुश्किल दौर में बाजार को गिरने से बचाया है. चाहे वह यूरोजोन का संकट हो, ब्रेग्जिट का अस्थिर दौर हो, कोरोना महामारी का भयंकर क्रैश हो या फिर वैश्विक टेक कंपनियों में आई भारी गिरावट, इस सपोर्ट ने हमेशा एक मजबूत ढाल का काम किया है.
जब लंबी अवधि की ट्रेंडलाइन तथा 100 ईएमए जैसे अहम तकनीकी पैमाने एक जगह मिलते हैं, तो उसे बाजार में वापसी का पक्का संकेत माना जाता है. जानकारों के मुताबिक, अब इन शेयरों में घबराहट वाली बिकवाली यानी ‘पैनिक सेलिंग’ खत्म होती दिख रही है. इसे तकनीकी भाषा में ‘बियरिश एग्जॉस्टियन’ कहते हैं. इसका सीधा मतलब है कि अब शेयर बेचने वाले लोग थक चुके हैं, जो बड़े निवेशकों के लिए धीरेधीरे खरीदारी शुरू करने का एक बेहतरीन मौका होता है.
दिग्गज कंपनियों में छिपा है मुनाफे का मौका
बाजार के इस महत्वपूर्ण मोड़ पर कुछ खास शेयरों का प्रदर्शन निवेशकों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है. इन्फोसिस का शेयर अपने लंबी अवधि के सबसे मजबूत सपोर्ट के बेहद करीब ट्रेड कर रहा है. तकनीकी चार्ट इशारा कर रहे हैं कि यहां से बड़े संस्थागत निवेशक फिर से अपनी खरीदारी शुरू कर सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो इन्फोसिस एक शानदार वापसी कर सकता है.
दूसरी तरफ, कोफोर्ज का शेयर हमेशा से ही निवेशकों के लिए एक बड़ा वेल्थ क्रिएटर साबित हुआ है. हालिया कमजोरी के बावजूद इस कंपनी का लंबा ट्रेंड अभी भी काफी मजबूत बना हुआ है. यह स्टॉक अपने ‘राइजिंग चैनल’ के निचले स्तर पर है, जहां से तेजी की पूरी उम्मीद बंध रही है. इसके अलावा, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के चार्ट पर ‘बुलिश बेल्ट होल्ड’ पैटर्न बनता दिख रहा है, जिसे बाजार में खरीदारी का एक बहुत ही सकारात्मक संकेत माना जाता है. निफ्टी आईटी अगर अपने इस मौजूदा सपोर्ट पर टिका रहता है, तो ये शेयर आने वाली तेजी के सबसे बड़े खिलाड़ी बनकर उभर सकते हैं.



