
लखनऊ, अमत विचार: प्रदेश सरकार ने ‘जीरो पावर्टी’ अभियान के तहत चिह्नित अति गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजनाग्रामीण में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इसके लिए ग्राम्य विकास विभाग ने योजना के दिशानिर्देशों में संशोधन कर दिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले अभियान के तहत चिह्नित परिवारों को योजना की पात्रता वाली प्राथमिकता श्रेणी में शामिल किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अति गरीब परिवारों को गरीबी से बाहर निकालने के लिए ‘जीरो पावर्टी’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत करीब 12.50 लाख परिवार चिह्नित किए गए हैं। इन परिवारों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर आर्थिक रूप से सक्षम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजनाग्रामीण में प्राथमिकता दी जाएगी।
ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि वर्ष 2018 से समयसमय पर जारी शासनादेशों में योजना के तहत विभिन्न वर्गों, समुदायों और जातिजनजातियों को निर्धारित पात्रता के आधार पर अलगअलग प्राथमिकता श्रेणियों में रखा गया है। अब इस व्यवस्था में ‘जीरो पावर्टी’ अभियान के तहत चिह्नित परिवारों को भी शामिल किया गया है। प्रमुख सचिव ने ग्राम्य विकास आयुक्त को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
दिव्यांगजन रोजगार अभियान में 1559 को रोजगार
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से तीन से 13 अगस्त तक चलाए गए दिव्यांगजन रोजगार अभियान3.0 में 1559 दिव्यांगजन रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े। अभियान के तहत रोजगार मेले, प्लेसमेंट ड्राइव और रोजगार कैंप आयोजित किए गए। चयनित अभ्यर्थियों को 10 से 18 हजार रुपये मासिक वेतन के प्रस्ताव मिले।
मोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रिशियन, सिलाईकढ़ाई और जनसेवा केंद्र समेत विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। डेयरी और पशुपालन के लिए सरकारी योजनाओं व ऋण सुविधाओं से भी जोड़ा गया। कानपुर नगर में 149, आजमगढ़ में 77, अमरोहा में 69, बरेली में 63 और सुलतानपुर में 56 दिव्यांगजन लाभान्वित हुए।



