
मध्य प्रदेश के इंदौर में क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने विशेष अभियान ‘ऑपरेशन मैट्रिक्स’ के तहत एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान ललित के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वह कथित तौर पर ऋषि सुतार नाम का इस्तेमाल भी करता था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी के पास से बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। तलाशी के दौरान 21 बैंक पासबुक, 20 चेकबुक, 8 एटीएम कार्ड, 7 क्यूआर कोड और एक एचपी कंपनी का लैपटॉप जब्त किया गया।
11 राज्यों तक जुड़े होने का दावा
पुलिस के मुताबिक, बरामद बैंक खातों की जानकारी नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जांची गई। जांच में इन खातों से 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की संदिग्ध ठगी की रकम के लेनदेन की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है।
पुलिस के अनुसार, नेटवर्क के तार मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, पंजाब, गुजरात, बिहार, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार तक जुड़े मिले हैं।
जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि इन बैंक खातों के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में कुल 46 शिकायतें दर्ज हैं। शुरुआती जांच में पुलिस ने APK फ्रॉड, निवेश के नाम पर ठगी और अन्य ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की भी पड़ताल शुरू की है।
4 लाख रुपये का लालच देकर खुलवाते थे खाते
जांच में कथित तौर पर ‘म्यूल अकाउंट’ का इस्तेमाल भी सामने आया है। ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों में भेजने के लिए किए जाने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, विजयनगर थाना क्षेत्र में इस मामले से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि ‘एटूजेड कार एंड डील’ के नाम से करंट अकाउंट खुलवाने के बदले लोगों को 4 लाख रुपये देने का लालच दिया गया था।
बताया गया कि रकम में से 20 हजार रुपये तत्काल और बाकी 3 लाख 80 हजार रुपये बाद में देने की बात कही गई थी। पुलिस इस पूरे लेनदेन और बैंक खातों की भूमिका की जांच कर रही है।
दूसरे राज्यों की ठगी की रकम पहुंचाने का आरोप
कनाडिया इलाके में भी बैंक खाते के कथित इस्तेमाल का एक मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, विवेक गोयल और अरुण साहू के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि पैसों का लालच देकर अरुण साहू के नाम पर बैंक खाता खुलवाया गया और उसका इस्तेमाल दूसरे राज्यों में हुई साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए किया गया।
बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच
क्राइम ब्रांच अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन, दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है।
जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि 11 राज्यों में बताए जा रहे इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और साइबर ठगी से हासिल रकम को किस तरह अलग-अलग खातों के जरिए इधर-उधर किया जाता था। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।



