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बिहार​​​ में मच्छर मारने के केमिकल की खरीद पर बड़ा सवाल, मैरवा की तत्कालीन EO कुमारी अर्चना की 5 वेतनवृद्धियां रोकी गईं

बिहार​​​ में मच्छर मारने के केमिकल की खरीद पर बड़ा सवाल, मैरवा की तत्कालीन EO कुमारी अर्चना की 5 वेतनवृद्धियां रोकी गईं

सीवान, बिहार: कोरोना काल के दौरान मैरवा नगर पंचायत में मच्छर मारने वाले केमिकल की खरीद से जुड़े मामले में नगर विकास एवं आवास विभाग ने तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी कुमारी अर्चना के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की है। विभाग ने उनकी पांच वेतनवृद्धियां संचयात्मक प्रभाव से रोकने का निर्णय लिया है। मामला वर्ष 2020 में फॉगिंग केमिकल की खरीद और निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।

इस मामले में तत्कालीन अधिकारी पर उत्तर प्रदेश की एक कंपनी ASM इंटरप्राइजेज को नियमों के विपरीत लाभ पहुंचाने और निर्धारित केमिकल के स्थान पर दूसरा उत्पाद खरीदने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, विभागीय जांच में शुरुआत में ये आरोप प्रमाणित नहीं पाए गए थे। बाद में अनुशासनिक प्राधिकार ने जांच रिपोर्ट से असहमति जताई और अधिकारी का स्पष्टीकरण स्वीकार नहीं किया।

2020 में केमिकल खरीद को लेकर उठे थे सवाल

मामला सिवान जिले की मैरवा नगर पंचायत में कुमारी अर्चना की तत्कालीन तैनाती के समय का है। सिवान के जिलाधिकारी ने 26 नवंबर 2021 को विभाग को भेजी रिपोर्ट में खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।

रिपोर्ट के अनुसार, आरोप था कि निविदा में ASM इंटरप्राइजेज, देवरिया (उत्तर प्रदेश) के प्रोपराइटर अभिषेक त्रिपाठी की कंपनी को जरूरी दस्तावेजों की समुचित जांच किए बिना स्वीकृति दी गई। यह भी आरोप लगाया गया कि निविदा की शर्तों के विपरीत कंपनी को काम दिया गया और कोविड-19 के दौरान इस्तेमाल के लिए निर्धारित KING FOG के स्थान पर KINS FOG केमिकल खरीदा गया।

जिलाधिकारी की रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि इस खरीद के कारण कंपनी को अधिक भुगतान हुआ और नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 75 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया।

पहली विभागीय जांच में प्रमाणित नहीं हुए थे आरोप

जिलाधिकारी की रिपोर्ट के बाद नगर विकास विभाग ने कुमारी अर्चना के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही शुरू की। 9 जून 2023 को संचालन पदाधिकारी ने जांच प्रतिवेदन सौंपा। इसमें अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को प्रमाणित नहीं पाया गया था।

हालांकि, अनुशासनिक प्राधिकार ने जांच अधिकारी के निष्कर्षों से असहमति जताई। इसके बाद कुमारी अर्चना से असहमति के बिंदुओं पर लिखित जवाब मांगा गया। विभाग ने उनके जवाब की समीक्षा की, लेकिन उसे संतोषजनक नहीं माना और अस्वीकार कर दिया।

पांच वेतनवृद्धियां रोकने का दंड

विभागीय समीक्षा के बाद बिहार सरकारी सेवक नियमावली के तहत कुमारी अर्चना की पांच वेतनवृद्धियां संचयात्मक प्रभाव से रोकने का निर्णय लिया गया। इसका अर्थ है कि इस दंड का असर उनकी भविष्य की वेतनवृद्धियों और वेतन निर्धारण पर भी पड़ सकता है।

यह मामला सरकारी खरीद में निविदा की शर्तों, उत्पाद की गुणवत्ता और भुगतान से जुड़े नियमों के पालन को लेकर अहम सवाल उठाता है। विभागीय कार्रवाई के बाद अब यह मामला नगर निकायों में सरकारी धन के इस्तेमाल और प्रशासनिक जवाबदेही के संदर्भ में चर्चा में है।

— Satya Report

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