Satya Report: अगर आप भी प्लेन से सफर करते हैं और बढ़ते किराए को लेकर परेशान रहते हैं, तो आपके लिए एक राहत भरी खबर आई है. साथी ही पेट्रोल और डीजल वाहन का इस्तेमाल करते हैं तब भी खुशी हो सकते हैं क्योंकि सरकार ने 1 मई 2026 को एविएशन टर्बाइन फ्यूल के रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. यानी एटीएफ के दाम में इस महीने कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. साथ ही रिटेल ग्राहकों के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम भी नहीं बढ़े हैं. एटीएफ के दाम बढ़ने से कंपनियों पर बोझ बढ़ता है, जिसे फ्लाइट टिकट बढ़ने की आशंका रहती है. मगर इस बार एटीएफ के दाम नहीं बढ़े हैं. इंडियन ऑयल ने बताया कि शुक्रवार को घरेलू एयरलाइंस के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतें अपरिवर्तित रही हैं, क्योंकि सरकारी तेल कंपनियों ने एयरलाइंस और उपभोक्ताओं को बचाने के लिए वैश्विक ईंधन कीमतों में हुई बढ़ोतरी को खुद वहन करने का फैसला किया.

पेट्रोल, डीजल और घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतें भी सेम रखी गई हैं, ताकि लोगों को इंटरनेशनल मार्केट में होने वाले उतारचढ़ाव का असर कम पड़े. IOC ने कहा कि आम लोगों पर असर डालने वाले मुख्य ईंधनों के रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हर महीने की पहली तारीख को ATF की कीमतें इनपुट कॉस्ट के हिसाब से अपडेट होती हैं. इस बार घरेलू एयरलाइंस के लिए रेट सेम रखे गए हैं, लेकिन इंटरनेशनल एयरलाइंस के लिए कीमतें बढ़ाई गई हैं.
नहीं बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम
IOC के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल की कीमतें उन लोगों के लिए नहीं बदलीं, जो कुल खपत का लगभग 90% हिस्सा इस्तेमाल करते हैं. यानी रिटेल यूजर आम आदमी के लिए तेल के दाम नहीं बढ़े हैं. इसी तरह, करीब 33 करोड़ लोगों के लिए घरेलू LPG की कीमत भी नहीं बदली गई है. PDS के तहत मिलने वाले केरोसिन के रेट भी सेम हैं.
बयान में कहा गया है कि कुल मिलाकर करीब 80% पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ, जिससे ज्यादातर लोगों को राहत मिली है. IOC ने बताया कि बदलाव सिर्फ कुछ खास इंडस्ट्रियल सेक्टर तक सीमित हैं, जिनकी खपत कम होती है और जिनकी कीमतें इंटरनेशनल मार्केट के हिसाब से हर महीने बदलती रहती हैं.
ज्यादातर प्रोडक्ट के नहीं बढ़े दाम
कंपनी ने ज्यादा डिटेल दिए बिना बताया कि थोक और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव किया गया है. इसके अलावा, इंटरनेशनल एयरलाइंस के लिए थोक डीजल और ATF के रेट बढ़ाए गए हैं. वहीं करीब 4% प्रोडक्ट्स की कीमतों में कमी भी आई है, जो ग्लोबल मार्केट के उतारचढ़ाव को दिखाती है.
कुल मिलाकर, 80% प्रोडक्ट्स के रेट सेम रहे, 4% में कमी आई और 16% प्रोडक्ट्स के रेट बढ़े हैं. IOC ने कहा कि ये कदम इस बात को दिखाते हैं कि कंपनियां एक बैलेंस्ड अप्रोच अपना रही हैं, जिसमें घरेलू ग्राहकों को राहत देना और साथ ही इंटरनेशनल ट्रेंड्स के साथ तालमेल रखना शामिल है.



