
जयपुर। राजस्थान एटीएस ने जयपुर से बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को गिरफ्तार किया है। उस पर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से संपर्क रखने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बबीता मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले की रहने वाली है और सोशल मीडिया के जरिए कथित तौर पर कट्टरपंथी नेटवर्क के संपर्क में आई थी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, बबीता धीरे-धीरे पाकिस्तान में बैठे जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर्स के संपर्क में आ गई। एटीएस अब उसके सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल और डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच कर रही है।
पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे थे सोशल मीडिया अकाउंट!
एटीएस की जांच में सामने आया है कि बबीता के WhatsApp और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स कथित रूप से पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे थे। आरोप है कि उसने अपने सिम से जुड़ी जानकारी एक पाकिस्तानी हैंडलर को दी थी।
जांच में यह भी दावा किया गया है कि पाकिस्तान में बैठे लोग उससे लगातार संपर्क में थे और उसे धार्मिक गतिविधियों के जरिए प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे।
अबू उबैदा के संपर्क में आने के बाद बदला घटनाक्रम
बताया जा रहा है कि तलाक के बाद बबीता सोशल मीडिया के माध्यम से अबू उबैदा नाम के व्यक्ति के संपर्क में आई थी। दोनों के बीच कई महीनों तक बातचीत हुई। आरोप है कि इसी दौरान उसे कट्टरपंथी विचारों की ओर मोड़ने की कोशिश की गई।
जांच एजेंसियों के अनुसार, बातचीत बढ़ने के बाद आतंकी संगठन से जुड़े लोगों और गतिविधियों का जिक्र किया जाने लगा। उसे कथित तौर पर जैश से जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी दी गई।
पाकिस्तान ले जाने की तैयारी का आरोप
पूछताछ में सामने आया है कि बबीता को पाकिस्तान ले जाने की योजना बनाई जा रही थी। जांच एजेंसियों को शक है कि उसे पहले नेपाल भेजने और फिर वहां से पाकिस्तान पहुंचाने की तैयारी थी, ताकि सीधे यात्रा करने पर पहचान न हो सके।
एटीएस के मुताबिक, बबीता सोशल मीडिया पर ऐसे कई अकाउंट्स को फॉलो कर रही थी, जिनके आतंकी संगठनों से जुड़े होने की जांच की जा रही है।
भारतीय जवानों को निशाना बनाने की ट्रेनिंग का दावा
जांच में यह भी सामने आया है कि बबीता को भारतीय सेना के जवानों को निशाना बनाने के लिए उकसाया गया था। आरोप है कि उसने कुछ जवानों से संपर्क भी किया था।
एजेंसियों का दावा है कि उसे आतंकी संगठन की महिला विंग से जोड़ने की कोशिश की जा रही थी और भारत में युवतियों को प्रभावित करने की जिम्मेदारी देने की योजना थी।
मोबाइल और डिजिटल सबूतों की जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद एटीएस बबीता से लगातार पूछताछ कर रही है। उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से जुड़े और कितने लोग देश में सक्रिय हैं।



