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EPFO वेबसाइट को लेकर आया बड़ा अपडेट, क्या शुरू हो गई सभी सर्विस?

इंप्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन ने अपने सिस्टम माइग्रेशन और डेटाबेस को एक साथ लाने का काम पूरा करने के बाद अपनी ज्सादातर ऑनलाइन मेंबर सर्विस को फिर से शुरू कर दिया है. यूजर अब UAN से जुड़े फंक्शन, प्रोफाइल मैनेजमेंट और दूसरी मेंबर सर्विस का इस्तेमाल करने के लिए EPFO ​​मेंबर पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं. हालांकि मेंबर पोर्टल पर ‘पासबुक लाइट’ सुविधा उपलब्ध है, लेकिन शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे तक EPF पासबुक पोर्टल उपलब्ध नहीं था. पासबुक वेबसाइट पर दिखाए गए एक नोटिस में कहा गया है कि सिस्टम अपग्रेड का काम अभी भी चल रहा है और दूसरी मेंबर और इंप्लॉयर सर्विस के बहाल होने के बावजूद पासबुक सर्विस अभी भी कुछ समय के लिए उपलब्ध नहीं है.

EPFO वेबसाइट को लेकर आया बड़ा अपडेट, क्या शुरू हो गई सभी सर्विस?

लगातार बढ़ रहा था आउटेज

यह बहाली तब हुई है जब EPFO ​​ने अपने क्लेमप्रोसेसिंग प्लेटफॉर्म को आधुनिक बनाने के मकसद से एक बड़े टेक्नोलॉजी अपग्रेड को पूरा करने के लिए अपनी ऑनलाइन सर्विस को बंद रखने की अवधि लगभग 5 दिन और बढ़ा दी थी. शुरू में, EPFO ​​ने घोषणा की थी कि मेंटेनेंस का काम 28 जून को पूरा हो जाएगा और सर्विस 29 जून से फिर से शुरू हो जाएंगी. बाद में उसने समयसीमा में बदलाव किया और सर्विस बंद रहने की अवधि को 1 जुलाई की रात 11:59 बजे तक बढ़ा दिया, और आखिर में घोषणा की कि सर्विस 3 जुलाई, 2026 को फिर से शुरू होंगी.

पासबुक पोर्टल के लिए करना होगा इंतजार

माइग्रेशन और डेटाबेस को एक साथ लाने का मकसद EPF मेंबर और इंप्लॉयर के लिए तेजी से क्लेम प्रोसेस करना, सिस्टम की विश्वसनीयता को बेहतर बनाना और ज़्यादा सुरक्षित डिजिटल सर्विस देना है. हालांकि मुख्य ऑनलाइन सर्विस अब चालू हैं, लेकिन जो मेंबर अपनी EPF पासबुक देखना या डाउनलोड करना चाहते हैं, उन्हें पासबुक पोर्टल के पूरी तरह से बहाल होने तक इंतजार करना पड़ सकता है. EPFO की ऑनलाइन सर्विस की बहाली श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा ‘कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020’ को लागू करने के हिस्से के तौर पर छह दशक पुरानी EPF स्कीम, 1952 की जगह ‘इंप्लॉइज प्रोविडेंट फंड स्कीम, 2026’ की घोषणा करने के कुछ दिनों बाद हुई है.

बदले गए नियम

29 जून, 2026 से लागू होने वाली नई स्कीम में ज्यादातर मौजूदा प्रोविडेंट फंड स्ट्रक्चर को बनाए रखा गया है, साथ ही डिजिटल compliance में मदद करने, गवर्नेंस को बेहतर बनाने और एडमिनिस्ट्रेशन को आसान बनाने के लिए अपडेटेड नियम भी लाए गए हैं. अनिवार्य EPF योगदान में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यह कर्मचारी और इंप्लॉयर दोनों की ओर से वेतन का 12 प्रतिशत बना हुआ है, और नोटिफाइड संस्थानों के लिए मौजूदा 10 प्रतिशत की दर जारी रहेगी.

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