पश्चिम बंगाल की राजनीति से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। भवानीपुर विधानसभा सीट, जो लंबे समय से सत्ता का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है, वहां इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से करारी हार का सामना करना पड़ा है। उनके प्रतिद्वंदी शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें 15,105 वोटों के अंतर से पराजित कर सियासी समीकरण बदल दिए हैं। जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी ने समर्थकों के बीच मिठाई बांटी और जीत का जश्न मनाया।

शुरुआती रुझानों में मुकाबला कांटे का नजर आ रहा था, लेकिन जैसेजैसे मतगणना आगे बढ़ी, शुभेंदु अधिकारी ने लगातार बढ़त बनाई और अंततः निर्णायक जीत दर्ज की। भवानीपुर सीट को ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में यहां मिली हार न सिर्फ व्यक्तिगत झटका है, बल्कि पार्टी के लिए भी बड़ा संदेश है। वहीं शुभेंदु अधिकारी की यह जीत उन्हें राज्य की राजनीति में और मजबूत स्थिति में खड़ा करती है।
यह पहली बार नहीं है जब दोनों नेताओं के बीच सीधा मुकाबला हुआ हो। 2021 विधानसभा चुनाव में भी शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराया था। मतगणना से पहले ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन्हें काउंटिंग सेंटर में धक्का दिया गया और उनके साथ बदसलूकी हुई। उन्होंने दोबारा मतगणना की मांग भी की।
राज्य में विधानसभा चुनाव और बंपर वोटिंग
पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के लिए पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान हुआ था, जबकि दूसरे चरण के तहत 29 अप्रैल को 142 सीटें पर वोट डाले गए थे। विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। दोनों चरणों में राज्य में जमकर वोटिंग हुई थी। चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में 93.19 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई थी, वहीं दूसरे चरण में भी 92.67 फीसदी वोटिंग हुई थी। इसी के साथ बंगाल में वोटिंग का कुल औसत 92.93 फीसदी से ज्यादा पहुंच गया, जो कि देश में किसी राज्य में मतदान का नया रिकॉर्ड है।



