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कुछ दिन पहले बिहार के समस्तीपुर रेल मंडल में हुई एक असामान्य घटना ने रेलवे प्रशासन और यात्रियों दोनों की चिंता बढ़ा दी। झंझारपुर-निर्मली रेलखंड पर अचानक हुए तेज धमाके और ओवरहेड बिजली प्रणाली (OHE) में आई तकनीकी खराबी के कारण एक स्पेशल ट्रेन को तत्काल रोकना पड़ा। शुरुआती जांच में सामने आया कि हाई-वोल्टेज तार पर एक सांप चढ़ गया था, जिसकी वजह से शॉर्ट सर्किट हुआ और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। राहत की बात यह रही कि रेलवे की सुरक्षा प्रणाली और लोको पायलट की सूझबूझ से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
कमला नदी पुल के पास हुआ जोरदार धमाका
यह घटना झंझारपुर और दीप स्टेशन के बीच स्थित कमला नदी पुल संख्या 97A के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। तकनीकी जांच में पता चला कि एक सांप हाई-वोल्टेज OHE तार पर चढ़ गया था। करंट की चपेट में आते ही शॉर्ट सर्किट हुआ और OHE का इंसुलेटर जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते पूरे सेक्शन की बिजली आपूर्ति तुरंत बंद हो गई, जबकि सांप की मौके पर ही मौत हो गई।
इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकी गई स्पेशल ट्रेन
घटना के समय आनंद विहार टर्मिनल-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल ट्रेन (05580) उसी रेलखंड से गुजर रही थी। जैसे ही बिजली आपूर्ति बाधित हुई, ट्रेन का फेल-सेफ ब्रेक सिस्टम स्वतः सक्रिय हो गया। वहीं, लोको पायलट ने भी हालात को भांपते हुए तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। ट्रेन कमला नदी पुल पर पहुंचने से पहले ही सुरक्षित रुक गई।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यदि यही तकनीकी खराबी उस समय होती जब ट्रेन पुल के ऊपर होती, तो स्थिति अधिक गंभीर हो सकती थी। समय रहते ट्रेन रुक जाने से किसी भी तरह की जनहानि या बड़ी दुर्घटना टल गई।
यात्रियों में मची अफरा-तफरी
अचानक हुए धमाके और ट्रेन के बीच रास्ते में रुक जाने से यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए घबराहट का माहौल बन गया। कई यात्रियों को समझ नहीं आया कि आखिर क्या हुआ है। घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में रेलवे ट्रैक के पास पहुंच गए और हालात का जायजा लेने लगे।
तकनीकी टीम ने युद्धस्तर पर किया मरम्मत कार्य
सूचना मिलते ही समस्तीपुर रेल मंडल की OHE तकनीकी टीम टावर वैगन के साथ मौके पर पहुंची। क्षतिग्रस्त इंसुलेटर और अन्य उपकरणों को बदलने का काम तुरंत शुरू किया गया। लगातार करीब दो घंटे तक मरम्मत कार्य चलने के बाद दोपहर लगभग 1:05 बजे बिजली आपूर्ति दोबारा बहाल कर दी गई। इसके बाद आनंद विहार टर्मिनल-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल ट्रेन को अपने गंतव्य के लिए रवाना किया गया और धीरे-धीरे पूरे रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन सामान्य हो गया।
सुरक्षा प्रणाली और सतर्कता ने बचाया बड़ा हादसा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में सुरक्षा प्रणाली ने पूरी तरह से प्रभावी ढंग से काम किया। बिजली आपूर्ति बंद होते ही ट्रेन की सुरक्षा प्रणाली सक्रिय हो गई, जबकि लोको पायलट की त्वरित कार्रवाई ने भी बड़ा हादसा होने से रोक दिया। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शॉर्ट सर्किट से किन उपकरणों को नुकसान पहुंचा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए कौन से अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाए जा सकते हैं।



