
मुंबई, महाराष्ट्र, 31 अक्टूबर 2026: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग की जांच में मुंबई क्राइम ब्रांच को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क को लेकर अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बिश्नोई गैंग की कथित योजना सिर्फ अलग-अलग वारदातों को अंजाम देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह मुंबई के अंडरवर्ल्ड में अपना प्रभाव बढ़ाकर दाऊद इब्राहिम की D-कंपनी के पुराने दबदबे को चुनौती देना चाहता है।
जांच एजेंसियों को शक है कि गैंग मुंबई में 1990 के दशक जैसा डर और दबाव का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। उस दौर में अंडरवर्ल्ड के नाम पर आने वाली एक धमकी भरी कॉल से ही बड़े कारोबारी, बिल्डर और फिल्मी हस्तियां परेशान हो जाती थीं। पुलिस को आशंका है कि इसी तरह का खौफ पैदा करके गैंग शहर में अपनी आपराधिक गतिविधियों और कथित वसूली के नेटवर्क का विस्तार करना चाहता है।
बिल्डरों और बॉलीवुड हस्तियों को निशाना बनाने की आशंका
मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के अनुसार, इस कथित रणनीति के पीछे रंगदारी और आर्थिक लाभ हासिल करने का मकसद हो सकता है। पुलिस सूत्रों का मानना है कि गैंग शहर के बड़े बिल्डरों, कारोबारियों और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े प्रभावशाली लोगों पर दबाव बनाकर अपना प्रभाव कायम करना चाहता है।
जांच अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि हाल के दिनों में सामने आई धमकियों और फायरिंग की घटनाएं अलग-अलग अपराध हैं या फिर किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क की सुनियोजित गतिविधियों का हिस्सा हैं। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इन वारदातों के जरिए लोगों में डर पैदा करके रंगदारी वसूलने की कोशिश तो नहीं की जा रही थी।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में मिले अहम ऑडियो रिकॉर्ड
इस मामले की जांच के दौरान क्राइम ब्रांच को कुछ महत्वपूर्ण ऑडियो रिकॉर्डिंग्स भी मिली हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन रिकॉर्डिंग्स में अंडरवर्ल्ड, D-कंपनी और मुंबई के आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी बातचीत का जिक्र होने का दावा किया गया है।
अब जांच एजेंसियां इन रिकॉर्डिंग्स की प्रामाणिकता और उनमें सुनाई देने वाली आवाजों की पहचान करने में जुटी हैं। इसके लिए ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बातचीत में शामिल लोग कौन हैं और उनका फायरिंग की घटना या बिश्नोई गैंग के नेटवर्क से क्या संबंध है।
जांच अधिकारी गैंग के कथित संपर्कों, आपसी बातचीत के तरीकों और विदेश में मौजूद संभावित मददगारों की भूमिका की भी पड़ताल कर रहे हैं। हालांकि, ऑडियो रिकॉर्डिंग्स में किए गए दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार
टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई करते हुए कथित शूटरों, हथियार उपलब्ध कराने वालों और वारदात में मदद करने के आरोपियों तक पहुंची है।
इस मामले में पुलिस ने कथित हथियार सप्लायरों और लॉजिस्टिक मदद देने वालों की भूमिका की भी जांच की है। एक आरोपी अनिल पंडित को बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया गया है। उस पर फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा करने वाली ऑनलाइन पोस्ट से भी जांच एजेंसियों का ध्यान गया था। वह फिलहाल फरार बताया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग की योजना किसने बनाई, हथियार कहां से आए, आरोपियों को मुंबई में किसने मदद पहुंचाई और इस पूरी वारदात के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
18 अक्टूबर को हुई थी टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग
टाइगर श्रॉफ की कार पर 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में फायरिंग हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। शुरुआती जांच में हमलावरों के साथ-साथ उन्हें हथियार और दूसरी मदद उपलब्ध कराने वाले लोगों की तलाश की गई।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को कथित तौर पर संगठित आपराधिक नेटवर्क की भूमिका के संकेत मिले। इसके बाद मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (MCOCA) की धाराएं भी जोड़ी गईं। पुलिस का कहना है कि इस कानून के तहत कार्रवाई के लिए जरूरी मंजूरी लेने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई।
अब क्राइम ब्रांच का ध्यान केवल फायरिंग करने वालों तक सीमित नहीं है। जांच का दायरा कथित फंडिंग नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई, स्थानीय मददगारों और गैंग के दूसरे संपर्कों तक बढ़ाया गया है।
पुलिस जांच में क्या सामने आना बाकी?
मुंबई क्राइम ब्रांच यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग मुंबई में अपना दबदबा बढ़ाने की किसी बड़ी योजना का हिस्सा थी। साथ ही बरामद ऑडियो रिकॉर्डिंग्स, आरोपियों के मोबाइल फोन और आर्थिक लेन-देन से जुड़े सबूतों की जांच जारी है।
फिलहाल मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर कब्जा करने और D-कंपनी को चुनौती देने की योजना पुलिस की जांच से जुड़ा एक कथित पहलू है। इसकी पूरी पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले में गिरफ्तार सभी आरोपी फिलहाल जांच का सामना कर रहे हैं और अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों के आधार पर ही तय होगा।
— Satya Report



