High Blood Sugar: आम तौर पर लोगों को लगता है कि ब्लड शुगर केवल अत्यधिक मीठा खाने से बढ़ता है, इसलिए कई लोग मीठे के सेवन से परहेज करते हैं, लेकिन इसके बावजूद भी ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है।

कई बार चीनी या मिठाई के सेवन पर प्रतिबंध लगाने के बाद भी ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। डायबिटीज स्पेशलिस्ट के अनुसार, शरीर में हार्मोनल बदलाव, तनाव, नींद की कमी और कुछ दवाएं भी ब्लड शुगर बढ़ाने का कारण बन सकती हैं। इसलिए सिर्फ चीनी या मीठे से दूरी बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि अपनी डेली लाइफ की कुछ आदतों को भी बदलने की आवश्यकता है।
तनाव
जब आप तनाव में होते हैं, तो शरीर कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन रिलीज करता है। ये हार्मोन लिवर को अधिक ग्लूकोज बनाने का संकेत देते हैं, जिससे ब्लड शुगर बढ़ सकता है।
नींद पूरी न होना
लगातार कम नींद लेने से शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील हो जाती हैं और रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ सकता है।
संक्रमण या बीमारी
बुखार, सर्दी, फ्लू या किसी संक्रमण के दौरान शरीर बीमारी से लड़ने के लिए अतिरिक्त हार्मोन बनाता है। इससे भी ब्लड शुगर बढ़ सकता है, इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आपने सीधे तौर पर मीठे का सेवन किया है या नहीं।
कुछ दवाओं का सेवन
स्टेरॉयड, कुछ और कुछ अन्य दवाएं ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकती हैं। यदि आप ऐसी दवाएं ले रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से शुगर की जांच कराते रहना जरूरी है।
शारीरिक गतिविधि की कमी
लंबे समय तक बैठे रहने और नियमित व्यायाम न करने से शरीर ग्लूकोज का पूरी तरीके से उपयोग नहीं कर पाता। इससे ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है।
पानी की कमी
कम पानी पीने से शरीर में ग्लूकोज की सांद्रता बढ़ सकती है, जिससे का स्तर अधिक दिखाई दे सकता है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है।
सुबह के समय हार्मोनल बदलाव
सुबह उठने से पहले शरीर कुछ हार्मोन रिलीज करता है, जो ऊर्जा के लिए ग्लूकोज बनाते हैं। डायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस वाले लोगों में इससे सुबह के समय ब्लड शुगर सामान्य से अधिक हो सकता है।
ब्लड शुगर कंट्रोल का तरीका
- संतुलित और फाइबर युक्त आहार लें।
- रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
- 78 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
- तनाव को कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें।
- दिनभर 2.53 लीटर पानी पिएं।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच कराएं।



