
उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के बांगरमऊ क्षेत्र में मकान के बंटवारे को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद एक व्यक्ति की हत्या में बदल गया। गंजमुरादाबाद के खत्रियाना मोहल्ले में दिलशाद उर्फ पप्पू पर उसके पिता और भाइयों समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने कथित तौर पर हमला कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, दिलशाद के शरीर पर सात गहरे घाव मिले। आरोप है कि कई वार करने के बाद भी जब उसकी मौत नहीं हुई तो उसके सीने में तलवार घोंप दी गई।
पोस्टमार्टम में सामने आई हमले की भयावहता
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, दिलशाद के चेहरे, सीने और दोनों हाथों पर गहरे जख्म पाए गए। सीने में तलवार लगने से उसके दाहिने फेफड़े के फटने और उसी तरफ की पसली टूटने की बात सामने आई है। रिपोर्ट में अधिक खून बहने और सदमे के कारण दिमाग की नस फटने को मौत की वजह बताया गया है।
इस घटना के बाद इलाके में शोक और नाराजगी का माहौल है। स्थानीय लोगों के लिए यह घटना इसलिए भी दुखद है क्योंकि विवाद किसी बाहरी व्यक्ति से नहीं, बल्कि परिवार के भीतर मकान में हिस्सेदारी को लेकर था।
ढाई साल से चल रहा था मकान के बंटवारे का विवाद
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, दिलशाद का अपने पिता मुर्तजा और भाइयों के साथ मकान में हिस्से को लेकर करीब ढाई साल से विवाद चल रहा था। बताया गया है कि शादी के बाद उसे संपत्ति से बेदखल कर दिया गया था। इसके बाद वह लगातार अपने हिस्से की मांग कर रहा था।
करीब पांच महीने पहले रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों की मौजूदगी में विवाद सुलझाने की कोशिश की गई थी। समझौते के तहत मकान में अपना हिस्सा छोड़ने के बदले दिलशाद को छह लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। रकम मिलने के बाद वह अलग मकान बनाने की तैयारी कर रहा था और उसने बिल्हौर बाईपास के पास एक प्लॉट भी खरीद लिया था।
हालांकि, तय समय बीतने के बावजूद उसे पैसे नहीं मिले। इसी बात को लेकर परिवार में दोबारा तनाव बढ़ गया। आरोप है कि बुधवार को इसी विवाद के दौरान दिलशाद पर हमला किया गया, जिसमें उसकी जान चली गई।
पिता और भाई गिरफ्तार, अन्य आरोपियों से पूछताछ
घटना के बाद पुलिस ने दिलशाद के पिता मुर्तजा और बड़े भाई इरशाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने बाद में छोटे भाई एजाज और भाई शहजाद को भी हिरासत में लिया। तलवार से हमला करने के आरोपी एजाज से पूछताछ की गई, जबकि मामले में नामजद बहनोई की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। घटना में किसकी क्या भूमिका रही, इसका निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।
आरोपी भाई ने बताई हमले की वजह
पुलिस हिरासत में एजाज ने कथित तौर पर बताया कि संपत्ति से बेदखल किए जाने के बाद से दिलशाद परिवार से नाराज था। उसे शक था कि उसके भाइयों ने ही पिता को उसके खिलाफ भड़काया था। एजाज के मुताबिक, बुधवार को दिलशाद घर पहुंचा था और उसे डर था कि यदि वह पहले हमला नहीं करता तो दिलशाद उस पर हमला कर सकता था। उसने यह भी कहा कि उसे अंदाजा नहीं था कि हमले में उसके भाई की मौत हो जाएगी।
हालांकि, यह बयान आरोपी का पक्ष है। घटना की पूरी परिस्थितियों और जिम्मेदारी का फैसला पुलिस जांच तथा अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
गमगीन माहौल में दफनाया गया शव
पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार दोपहर दिलशाद का शव घर पहुंचा तो मोहल्ले में मातम छा गया। लोगों ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मकान के एक हिस्से को लेकर परिवार में इतना बड़ा विवाद हो जाना बेहद दुखद है। बाद में दिलशाद को गांव में ही दफना दिया गया।
परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट
इस घटना का असर परिवार के दूसरे सदस्यों पर भी पड़ा है। आरोपी शहजाद सैलून की दुकान चलाकर अपनी पत्नी और दो छोटे बेटों का पालन-पोषण करता था। उसके हिरासत में जाने के बाद दुकान बंद हो गई है, जिससे परिवार के सामने रोजी-रोटी की चिंता खड़ी हो गई है।
वहीं, परिवार के एक अन्य सदस्य की पहले बीमारी से मौत हो चुकी थी। उसकी पत्नी भी अपने दो बच्चों की परवरिश को लेकर परेशान है। इस तरह संपत्ति के विवाद ने न केवल एक व्यक्ति की जान ले ली, बल्कि परिवार के कई सदस्यों के भविष्य को भी मुश्किल में डाल दिया है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और पुलिस जांच से जुड़ी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों और बयानों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।



