
अयोध्या: राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक्सरे रूम की एक दराज से बम बनाने की विधि से संबंधित बताया जा रहा एक संदिग्ध लेआउट मिला। यह लेआउट शुक्रवार रात ड्यूटी पर मौजूद एक एक्सरे टेक्नीशियन छात्र से जुड़ा बताया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी।
एक्सरे रूम की दराज से मिला संदिग्ध लेआउट
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब आठ बजे एक्सरे रूम के प्रभारी ने वहां रखी एक दराज में यह संदिग्ध लेआउट देखा। बताया जा रहा है कि छात्र शुक्रवार रात ड्यूटी पूरी करने के बाद वहां से गया था। लेआउट मिलने के बाद प्रभारी ने तत्काल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को इसकी सूचना दी।
मामला सामने आते ही मेडिकल कॉलेज परिसर में चर्चा और चिंता का माहौल बन गया। लेआउट किस उद्देश्य से तैयार किया गया था, इसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस को दी गई सूचना, जांच शुरू
एक्सरे रूम प्रभारी के मुताबिक, मामले की जानकारी पुलिस को मौखिक रूप से दी गई है। पुलिस पूरे प्रकरण की जानकारी जुटाने के साथ संबंधित छात्र से पूछताछ कर रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि संदिग्ध लेआउट वास्तव में किस उद्देश्य से तैयार किया गया था और इसे बनाने के पीछे छात्र की क्या मंशा थी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि लेआउट कहां से तैयार किया गया और इसे एक्सरे रूम की दराज में क्यों रखा गया।
छात्र की मंशा को लेकर उठे सवाल
संदिग्ध लेआउट मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसे तैयार करने का उद्देश्य क्या था। हालांकि, अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और छात्र की मंशा को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गोपनीय तरीके से पूछताछ और तथ्यों की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद लेआउट का वास्तविक उद्देश्य क्या था और इसके पीछे कोई गंभीर साजिश थी या नहीं।
आधिकारिक जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
मेडिकल कॉलेज में संदिग्ध लेआउट मिलने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन और पुलिस की जांच पर सभी की नजर है। मामले में सामने आने वाले तथ्यों और पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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