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फरार होने की कोशिश के दौरान पुलिस पर हमला, जवाबी कार्रवाई में मारा गया इनामी बदमाश..

फरार होने की कोशिश के दौरान पुलिस पर हमला, जवाबी कार्रवाई में मारा गया इनामी बदमाश..

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में पुलिस मुठभेड़ में 50,000 रुपए का इनामी डकैत मारा गया, जबकि गोलीबारी के दौरान एक पुलिस उप-निरीक्षक और एक कांस्टेबल गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ बुधवार देर रात सिविल लाइंस…

Badaun News: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में पुलिस मुठभेड़ में 50,000 रुपए का इनामी डकैत मारा गया, जबकि गोलीबारी के दौरान एक पुलिस उप-निरीक्षक और एक कांस्टेबल गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ बुधवार देर रात सिविल लाइंस पुलिस थाना क्षेत्र में एक जांच अभियान के दौरान हुई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अंकिता शर्मा ने कहा कि एक पुलिस टीम ने शहर से लगभग 5 किलोमीटर दूर बदायूं-बिजनौर राजमार्ग पर एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को रुकने का इशारा किया। उन्होंने बताया कि संदिग्ध ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं, जिसके बाद पुलिस की ओर से आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई। एसएसपी ने बताया कि आरोपी की पहचान जितेंद्र उर्फ ढालू (35) के रूप में हुई है, जो गोली लगने से घायल हो गया और उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि शेखूपुर पुलिस चौकी प्रभारी उप-निरीक्षक नीरज कुमार और कांस्टेबल अविनाश मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हो गए। गोलियां उनके बाएं हाथ में लगीं और दोनों का इलाज चल रहा है।

पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से हापुड़ जिले के धौलाना का रहने वाला जितेंद्र 19 मई को इस्लामनगर थाने में दर्ज डकैती के एक मामले में फरार था। मामले में गिरोह के सात सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि वह फरार था। एसएसपी ने बताया कि जितेंद्र पर इनाम की घोषणा बरेली रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक द्वारा की गई थी। वह कथित तौर पर बदायूं, अमरोहा, गौतमबुद्ध नगर और अन्य जिलों में दर्ज डकैती और अन्य गंभीर अपराधों के एक दर्जन से अधिक मामलों में वांछित था। पुलिस ने कहा कि उसके कब्जे से एक अर्ध-स्वचालित पिस्तौल, बड़ी मात्रा में कारतूस और कुछ आभूषण बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि बरामद आभूषणों का सत्यापन किया जा रहा है और संदेह है कि ये डकैती के पिछले मामलों से संबंधित हैं।

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