Ashoknagar News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है. यहां तीन नाबालिग लड़कियों के साथ न केवल दरिंदगी की गई, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से उनका धर्म परिवर्तन भी कराया गया. मामले का सनसनीखेज खुलासा तब हुआ, जब अशोकनगर की रहने वाली एक पीड़िता दो अन्य लड़कियों के साथ बुर्का पहनकर अपने घर पहुंची. अपनी बेटी को इस हाल में देख परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई.

जानकारी के अनुसार, मुख्य पीड़िता अशोकनगर जिले के पिपरई की रहने वाली है. करीब चार महीने पहले उसकी मुलाकात पिपरई रेलवे स्टेशन पर अलतमश नाम के युवक से हुई थी. आरोप है कि अलतमश ने पहले दोस्ती की और फिर शादी का झांसा देकर उसे अपने जाल में फंसा लिया. इसके बाद वह उसे भोपाल ले गया, जहां उसे पूरी तरह से ‘ब्रेन वॉश’ किया गया. पीड़िता का आरोप है कि अलतमश ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया और उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया. इस दौरान पीड़िता को पूरी तरह इस्लामी तौर-तरीकों में ढालने की कोशिश की गई.
लड़कियों का धर्मांतरण कराया गया
जांच में यह भी सामने आया है कि इस घिनौने खेल में अलतमश अकेला नहीं था. उसके साथ अरहान खान और आहत खान नामक दो अन्य आरोपी भी शामिल थे. इन दोनों ने भोपाल की ही रहने वाली दो अन्य नाबालिग लड़कियों को अपने झांसे में लिया. आरोपियों ने इन दोनों सहेलियों के साथ भी दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और उनका भी धर्मांतरण कराया गया.
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परिवार ने थाने में दर्ज कराई शिकायत
यह पूरा मामला तब तक दबा रहा, जब तक कि पिपरई की पीड़िता दो अन्य लड़कियों के साथ वापस अपने गांव नहीं पहुंची. जब परिजनों ने बेटी को बुर्के में देखा और उससे पूछताछ की तो वह फूट-फूट कर रोने लगी और आपबीती सुनाई. इसके बाद आक्रोशित परिजन हिंदू संगठनों के साथ थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई. मामले की गंभीरता को देखते हुए अशोकनगर एसडीओपी विवेक शर्मा ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.
SDOP ने दी जानकारी
वही पूरे मामले में एसडीओपी अशोकनगर विवेक शर्मा का कहना है कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट (SC-ST Act) सहित धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पता चला है कि एक आरोपी पहले से ही किसी अन्य मामले में जेल में बंद है. बाकी की तलाश जारी है.
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय हिंदू संगठनों में गहरा रोष देखा जा रहा है. संगठनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस ‘लव जिहाद’ और ‘धर्मांतरण’ के सिंडिकेट की गहराई से जांच की जाए. पुलिस का कहना है कि इस मामले में जो भी अन्य लोग शामिल होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल पुलिस की टीमें भोपाल और आसपास के इलाकों में दबिश दे रही हैं.



