
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने कथित पारिवारिक रंजिश के चलते अपने जीजा को अवैध हथियार रखने के झूठे मामले में फंसाने की साजिश रच डाली। आरोप है कि उसने जीजा के किराये के मकान में देसी कट्टे छिपा दिए और फिर फर्जी नाम से पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई करवा दी। हालांकि, पुलिस की गहन जांच में पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया।
फर्जी सूचना देकर बुला ली पुलिस
पुलिस के अनुसार, 31 जुलाई को आर्म्स एक्ट से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान गाजियाबाद की राजीव कॉलोनी से 28 वर्षीय मोहम्मद वसीम को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरा घटनाक्रम स्वीकार कर लिया।
पारिवारिक रंजिश बनी साजिश की वजह
जांच में सामने आया कि वसीम अपने जीजा मोहम्मद अशरफ से नाराज था। पुलिस के मुताबिक, अशरफ ने परिवार की इच्छा के खिलाफ वसीम की साली से शादी कर ली थी, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने अलग-अलग समय पर अशरफ के किराये के मकान में चोरी-छिपे तीन देसी कट्टे रख दिए।
इसके बाद उसने ‘अर्जुन’ नाम से पुलिस को फोन कर घर में अवैध हथियार होने की सूचना दी। सूचना के आधार पर 16 जुलाई को पुलिस ने मकान की तलाशी ली, जहां से एक देसी कट्टा बरामद हुआ था। उस समय अशरफ को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पूछताछ में खुली पूरी कहानी
बाद में जांच के दौरान वसीम से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस दोबारा उसी मकान पर पहुंची। मकान मालिक और अशरफ की मौजूदगी में आरोपी ने उन स्थानों की निशानदेही की, जहां उसने हथियार छिपाए थे। तलाशी के दौरान वहां से दो और देसी कट्टे बरामद हुए।
इस बरामदगी के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि हथियार अशरफ के नहीं थे, बल्कि उसे झूठे मामले में फंसाने के उद्देश्य से वसीम ने ही वहां छिपाए थे।
आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
नई बरामदगी के आधार पर पुलिस ने वसीम के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत नया मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस कथित साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं और आरोपी का इस तरह की घटनाओं में पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड रहा है या नहीं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।



