भारतीय शेयर बाजार में आज बैंकिंग सेक्टर ने चौतरफा तेजी के साथ शानदार वापसी की है. पिछले कुछ सत्रों की सुस्ती और उतारचढ़ाव को पीछे छोड़ते हुए बैंकिंग इंडेक्स निफ्टी बैंक ने 560 अंकों से अधिक की छलांग लगाई. इस शानदार रिकवरी की अगुवाई बाजार के दो सबसे बड़े हैवीवेट्सHDFC Bank और State Bank of India ने की, जिनके शेयरों में 2% तक का दमदार उछाल दर्ज किया गया. आइए आंकड़ों की भाषा में इसे विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं. साथ ही यह भी समझने की कोशिश करते हैं कि इस तेजी पर जानकारों की क्या राय है.

बैंकिंग शेयरों में जोरदार उछाल
बुधवार को HDFC बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया , इंडसइंड बैंक और दूसरे बड़े बैंकों के शेयरों में 2% तक की बढ़त हुई. इससे निफ्टी बैंक इंडेक्स में लगभग 1 फीसदी की तेजी आई. खास बात तो ये है कि दलाल स्ट्रीट पर फाइनेंशियल शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त देखी गई. दोपहर 12:40 बजे तक, निफ्टी बैंक इंडेक्स लगभग 561 अंक बढ़कर 58,023 पर ट्रेड कर रहा था. स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के शेयरों में सबसे ज़्यादा, यानी लगभग 2 फीसदी की बढ़त देखने को मिली. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक , केनरा बैंक, HDFC बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में भी 1 फीसदी से ज्यादा तेजी देखी गई.
IDFC फर्स्ट बैंक, ICICI बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयरों में लगभग 1 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जबकि यस बैंक, एक्सिस बैंक, फेडरल बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में ट्रेड कर रहे थे. मोतीलाल फाइनेंशियल सर्विसेज में वेल्थ मैनेजमेंट के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि बेहतर होती बैलेंस शीट, लिक्विडिटी की बेहतर स्थिति, स्थिर ब्याज दरें और क्रेडिट कॉस्ट में कमी से मजबूत ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है. साथ ही, इससे फाइनेंशियल सेक्टर की कमाई में ब्रॉडर लेवल पर बढ़ोतरी की शुरुआत हो सकती है.
शनिवार को Q1 नतीजों का अहम दिन
शनिवार को होने वाली अहम Q1 नतीजों की घोषणा से पहले भारतीय बैंकों के शेयरों में तेजी देखी जा रही है. HDFC बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, ICICI बैंक और यस बैंक समेत पांच बड़े प्राइवेट बैंक, चालू वित्त वर्ष 2027 की अप्रैलजून तिमाही के नतीजे शनिवार को आने वाले हैं.
नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उसे उम्मीद है कि उसके कवरेज वाले बैंक मामूली कोरPPOP ग्रोथ दिखाएंगे, जिसकी वजह धीमी NII ग्रोथ और कंट्रोल में रहने वाला ऑपरेटिंग खर्च होगा, जबकि सीजनल तौर पर ज्यादा क्रेडिट कॉस्ट के कारण PAT ग्रोथ धीमी रहेगी. उसने ICICI बैंक, HDFC बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक को अपनी टॉप पसंद बताया है.
इंटरनेशनल ब्रोकरेज ने कहा कि HDFC बैंक और यस बैंक के लिए लोन ग्रोथ मजबूत रही है, लेकिन एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के लिए यह धीमी रही है. ICICI बैंक के लिए नोमुरा को लोन ग्रोथ मजबूत रहने की उम्मीद है. हालांकि, कुल मिलाकर उसे उम्मीद है कि बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन में कमी आएगी.
इस बीच, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा कि उनके चैनल चेक से पता चलता है कि चालू वित्त वर्ष 2027 की अप्रैलजून तिमाही में MSME क्रेडिट की मांग मज़बूत रही है और वर्किंग कैपिटल साइकल में भी बढ़ोतरी हुई है. घरेलू ब्रोकरेज फर्म ने आगे कहा कि बड़े लोन साइज में प्राइवेट बैंकों की हिस्सेदारी ज्यादा है, जबकि पब्लिक सेक्टर के बैंक कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग और CGTMSEसपोर्टेड लेंडिंग के ज़रिए मार्केट शेयर बढ़ा रहे हैं.
आगे कैसा रहेगा निफ्टी बैंक?
LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा को उम्मीद है कि निफ्टी बैंक इंडेक्स को 56,80056,900 के जोन में सपोर्ट मिलेगा, जबकि 58,200 के आसपास तुरंत रेजिस्टेंस दिख रहा है. बजाज ब्रोकिंग के अनुसार, ऊपर की तरफ 58,700 अभी तुरंत की रुकावट है. उन्होंने कहा कि इस लेवल के ऊपर मजबूती से क्लोजिंग होने पर मौजूदा कंसोलिडेशन से ब्रेकआउट की पुष्टि होगी और आने वाले हफ्तों में रैली का अगला दौर शुरू हो सकता है, जो 59,300 और अंततः 60,000 के लेवल तक जा सकता है.



