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भारत के इन मंदिरों में कंकड़-पत्थर अर्पित करने से पूरा होता अपना घर पाने का सपना..

भारत के इन मंदिरों में कंकड़-पत्थर अर्पित करने से पूरा होता अपना घर पाने का सपना..

भारत में खुद का आशियाना बनाना हर व्यक्ति का एक सबसे बड़ा सपना होता है. देश में कुछ ऐसे अनोखे और पवित्र धार्मिक स्थल भी हैं, जहां ‘घर की मन्नत’ के लिए भारी भरकम दान या महंगे भोग की जरूरत नहीं पड़ती है? यहां सिर्फ कंकड़ पत्थर अर्पित करने से ही खुद के घर का सपना पूरा हो जाता है. आइए जानते हैं, इस देवस्थलों के बारे में विस्तार से

Temples of India: आज की तेज-रफ्तार जिंदगी में भी परिवार और घर वह जगह है, जहां सुकून के दो पल मिल जाते हैं. भारतीय परिवेश में अपना घर होना हर व्यक्ति का सपना है. हर कोई चाहता है कि उसका खुद का अपना आशियाना हो, जहां वे सपरिवार रह सकें. इसके लोग अपनी जिंदगी भर की कमाई लगा देते हैं. लेकिन आप नहीं जानते होंगे कि भारत की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत में कुछ स्थल ऐसे हैं, जहां ‘ईश्वर की इच्छा’ मायने रखती है. आइए यहां जानते हैं, देश के उन तीन मंदिरों के बारे में जहां जहां भारी-भरकम दान, प्रसाद या महंगे भोग नहीं, बल्कि स्वयं का घर बनाने का सपना कंकड़-पत्थर अर्पित करने से पूरा होता है. आइए जानते हैं, इन विशेष मंदिरों से जुड़ी प्रथाएं…

बंगारु तिरुपति मंदिर

यह मंदिर कर्नाटक के कोलार जिले में में एक पहाड़ी पर स्थित है. इसे ‘चिन्न तिरुपति’ भी कहते हैं, जिसका अर्थ है ‘छोटे तिरुपति’. भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित इस मंदिर में भक्त और श्रद्धालु मंदिर परिसर में छोटे-छोटे कंकड़-पत्थर चुनकर एक निश्चित जगह पर सजाकर कर रखते हैं. कहते हैं, श्रद्धा और विश्वासपूर्वक की गई इस प्रक्रिया से अपना खुद का पक्का मकान पाने का सपना पूरा होता है.

मां महामाया मंदिर

मां महामाया मंदिर काफी एतिहासिक मंदिर है, जो छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के रतनपुर में स्थित है. इसे एक शक्तिपीठ भी माना जाता है. यहां 3 देवियों के रूप वाली मा दुर्गा की पूजा होती है. यहां की प्रथा बेहद खास है. कहते हैं कि जो भक्त-श्रद्धालु यहां की जमीन पर बिखरे पत्थरों को इकट्ठा कर 3 से 5 पत्थरों को एक-दूसरे के ऊपर सटीकता से संतुलन बनाकर एक घर या छोटी मीनार बना लेते हैं. उनका अपना घर पाने का सपना पूरा हो जाता है.

हिमाचल प्रदेश के देवस्थान

हिमाचल प्रदेश की कुल्लू, शिमला, मंडी आदि जगहों पर स्थापित हिडिंबा देवी मंदिर, बिजली महादेव जैसे स्थानीय मंदिरों और देवस्थलों में एक प्रथा काफी लोकप्रिय है. वह है, पहाड़ों में मिलने वाले चपटे पत्थरों से एक छोटा-सा कमरा या दो-तीन मंजिला घर तैयार करना. कहते हैं आस्था और विश्वास से बनाई गई पत्थर की यह आकृति अपने घर के सपने को जल्द पूरा करती है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. .

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