
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, डेस्क जॉब, खराब डाइट, बिगड़ता लाइफस्टाइल और निष्क्रिय जीवनशैली कम उम्र में ही लोगों को डायबिटीज का शिकार बना रही है। खराब डाइट का सेवन तेजी से ब्लड में शुगर का स्तर बढ़ाता है। आमतौर पर माना जाता है कि ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए बॉडी को एक्टिव रखना, घंटों जिम में पसीना बहाना जरूरी है। वॉक को खासतौर पर शुगर कंट्रोल करने के लिए जरूरी माना जाता है। अक्सर लोग सीटिंग जॉब, वक्त की कमी और आलस की वजह से वॉक नहीं कर पाते और उनका शुगर का स्तर बढ़ने लगता है।
बोर्ड-प्रमाणित इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. पर्ल ने इंस्टाग्राम पोस्ट में डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए रिसर्च का हवाला देते हुए बताया कि अगर हर 45 मिनट में सिर्फ 3 मिनट तक ये खास एक्सरसाइज की जाए तो आसानी से ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल किया जा सकता है। इस स्टडी में अधिक वजन वाले पुरुषों पर 8.5 घंटे तक बैठे रहने की स्थिति में अलग-अलग तरह की शारीरिक गतिविधियों के असर की तुलना की गई।
डॉ. पर्ल के मुताबिक हर 45 मिनट में बॉडी-वेट स्क्वाट्स (Body weight Squats) करने वाले लोगों में ब्लड शुगर का स्तर, उन लोगों की तुलना में बेहतर रहा जो 30 मिनट तक वॉक करते थे। एक्सपर्ट ने बताया इस एक्सरसाइज का असर सिर्फ ब्लड शुगर कंट्रोल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिमाग और ओवर ऑल हेल्थ के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।
3 मिनट की एक्सरसाइज कैसे असर करती है, रिसर्च से समझें
शोध में प्रतिभागियों को चार समूहों में बांटा गया। पहला समूह पूरे समय बैठा रहा जबकि दूसरे समूह ने एक बार 30 मिनट की वॉक की। तीसरे समूह ने हर 45 मिनट में 3 मिनट तक वॉक की। चौथे समूह ने हर 45 मिनट में लगभग 10 बॉडी-वेट स्क्वाट्स किए। डॉ. पर्ल मटर ने रिसर्च के निष्कर्ष का हवाला देते हुए बताया जिन लोगों ने हर 45 मिनट में थोड़ी-थोड़ी एक्सरसाइज, चाहे स्क्वाट्स हों या छोटी वॉक हो, की उनका ब्लड शुगर बेहतर तरीके से नॉर्मल रहा। एक्सपर्ट ने बताया साढ़े 8 घंटे बैठकर काम करने के बाद सिर्फ 30 मिनट की वॉक करने से बेहतर हर 45 मिनट में 3 मिनट की एक्सरसाइज है।
अध्ययन में यह भी पाया गया कि ब्लड शुगर कंट्रोल का संबंध ग्लूटियस मैक्सिमस (कूल्हों की बड़ी मांसपेशी) और क्वाड्रिसेप्स (जांघ की आगे की मांसपेशियां) के सक्रिय होने से था। इससे पता चलता है कि शरीर की ये बड़ी मांसपेशियां मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाए रखने में अहम किरदार निभाती हैं। डॉ. पर्ल मटर ने कहा हर किसी के लिए हर 45 मिनट में एक्सरसाइज करना संभव नहीं हो सकता। लेकिन इस स्टडी की खास बात यह है कि इसमें अलग-अलग तरह की छोटी-छोटी एक्सरसाइज को देखा गया। चाहे कुछ लोग स्क्वाट्स करें या थोड़ी देर टहलें, शरीर को इससे मेटाबॉलिक फायदे मिलते हैं। इसका सकारात्मक असर दिमाग की सेहत पर भी पड़ सकता है, क्योंकि मेटाबॉलिज्म और ब्रेन हेल्थ एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
बार-बार थोड़ा चलना-फिरना क्यों है जरूरी?
एलीट केयर क्लिनिक के कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. पल्लेटी शिवा कार्तिक रेड्डी (MBBS, MD, FAIG) ने बताया हर आधा से एक घंटे में थोड़ी देर चलना-फिरना लंबे समय तक लगातार बैठे रहने के नुकसान को कम करता है। लगातार बैठे रहने से मांसपेशियां ब्लड से ग्लूकोज कम मात्रा में ले पाती हैं। जब स्क्वाट्स, तेज चाल से चलना या सीढ़ियां चढ़ने जैसी एक्टिविटी की जाती है तो शरीर की बड़ी मांसपेशियां सक्रिय होती हैं, तो वे खून में मौजूद ग्लूकोज को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करती हैं। यह प्रक्रिया कुछ हद तक इंसुलिन पर निर्भर नहीं होती।
एक्सपर्ट ने बताया अगर कोई इंसान पूरा दिन 10 से 12 घंटे सिर्फ बैठा रहता है और फिर एक बार आधा घंटे वॉक कर लेता है तो ऐसे लोगों में ब्लड शुगर में उतार चढ़ाव बना रहता है। इसके विपरीत, दिनभर में बार-बार छोटे-छोटे मूवमेंट ब्रेक लेने से शरीर को लगातार मेटाबॉलिक फायदा मिलता है, जिससे ब्लड शुगर बेहतर तरीके से कंट्रोल रहता है और समय के साथ इंसुलिन सेंसिटिविटी भी सुधरती है।
शुगर कंट्रोल करने के लिए कौन-कौन सी एक्सरसाइज करें?
डॉ. रेड्डी के अनुसार बॉडी-वेट स्क्वाट्स इसलिए प्रभावी हैं क्योंकि ये पैरों की बड़ी मांसपेशियों को एक्टिव करती है, जो अधिक मात्रा में ग्लूकोज का उपयोग कर सकती हैं। एक्सपर्ट ने बताया हालांकि एक्सरसाइज करना सभी के लिए उपयुक्त नहीं है खासकर जिन बुजुर्गों को संतुलन बनाने में परेशानी होती है, घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित लोगों, गंभीर मोटापे से ग्रस्त लोगों या जिन्हें पहले से ही जोड़ों के दर्द की समस्या है उनके लिए एक्सरसाइज करना परेशानी का सबब बन सकता है। एक्सपर्ट ने बताया एक्सरसाइज हमेशा व्यक्ति की उम्र, फिटनेस और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए।
सिटिंग जॉब करते हैं तो इस तरह रखें बॉडी को एक्टिव
- फोन पर बात करते समय कुछ कदम टहलें इस तरह आपकी बॉडी एक्टिविटी बढ़ेगी और मसल्स की स्टिफनेस कम होगी और शुगर नॉर्मल रखने में भी मदद मिलेगी।
- अगर आप ज्यादा मीटिंग करते हैं या सीटिंग जॉब करते हैं तो एक मीटिंग खत्म होने और दूसरी शुरू होने के बीच 2–3 मिनट चलें। इस तरह 2 से तीन मिनट की वॉक आपकी बॉडी के लिए असरदार साबित होगी।
- हर 45–60 मिनट में उठकर थोड़ी देर चलें या कुछ स्क्वाट्स करें। नियमित रूप से ऐसा करने पर समय के साथ ब्लड शुगर कंट्रोल और मेटाबॉलिक हेल्थ में सुधार देखा जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है।



