गर्मियों के मौसम में रसीली और मीठी लीची खाना हर किसी को पसंद होता है। स्वाद में मीठी और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर लीची को अक्सर डायबिटीज मरीज खाने से परहेज करते हैं। लीची एक ऐसा फल है जो पोषक तत्वों का पावर हाउस है, इसमें कई जरूरी विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो बॉडी को हेल्दी रखते हैं। लीची में पोटेशियम, विटामिनसी और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए बेहद उपयोगी होती है। मीठी लीची कार्ब्स से भरपूर होती है जो डायबिटीज मरीजों की ब्लड शुगर हाई होने के लिए जिम्मेदार है। आइए डायटीशियन से जानते हैं कि क्या डायबिटीज मरीज ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए लीची का सेवन कर सकते हैं?

डायबिटीज मरीज लीची का सेवन कर सकते हैं क्या?
हैदराबाद के CARE Hospitals के बंजारा हिल्स यूनिट में क्लिनिकल डायटीशियन Sushma ने बताया कि डायबिटीज के मरीज लीची खा सकते हैं, लेकिन मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। एक्सपर्ट के मुताबिक लीची में में पोटैशियम, विटामिनसी और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए लाभदायक होते हैं। इसके अलावा, इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स मध्यम श्रेणी का होता है, जिससे यह ब्लड शुगर को बहुत तेजी से बढ़ाने वाले फलों की श्रेणी में नहीं आती।
एक्सपर्ट के मुताबिक लीची मीठी है उसमें कार्ब्स है लेकिन उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम है। डायटीशियन Sushma ने बताया 55 से कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड का सेवन डायबिटीज मरीजों की ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाता। इससे अचानक ब्लड शुगर स्पाइक होने का खतरा कम हो जाता है। लीची में मौजूद फाइबर भी शुगर के अवशोषण की गति को धीमा करने में मदद करता है, जिससे ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि लीची में प्राकृतिक शुगर मौजूद होती है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। संतुलित मात्रा में खाई गई लीची को डायबिटीज रोगियों के लिए सुरक्षित माना जाता है।
लीची खाने से सेहत को कौन कौन से होते हैं फायदे
कब्ज का होता है इलाज
लीची के सेहत के लिए कितने फायदे हैं इसकी बात करें तो इसमें विटामिनसी, एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर और कई जरूरी मिनरल्स भरपूर होते हैं। इसका सेवन पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है और कब्ज की समस्या से राहत दिला सकता है। International Journal of Food Sciences and Nutrition और Nutrients जर्नल में प्रकाशित एक शोध के अनुसार लीची में प्रचुर मात्रा में घुलनशील और अघुलनशील फाइबर पाया जाता है, जो आंतों की गतिशीलता को सुचारू बनाता है। इसके अलावा, लीची में लगभग 80% से 82% पानी की मात्रा होती है। फाइबर और पानी का यह नेचुरल कॉम्बिनेशन मल को सॉफ्ट करता है, जिससे पुरानी से पुरानी कब्ज की समस्या दूर होती है। साथ ही, यह पेट के गुड बैक्टीरिया को भी बढ़ावा देता है।
ब्लड प्रेशर होता है कंट्रोल
लीची में पोटैशियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में मदद कर सकती है। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर हाई रहता है वो इसका सेवन करें। Journal of Functional Foods और American Heart Association के एक अध्ययन के मुताबिक लीची पोटैशियम का एक बेहतरीन स्रोत है और इसमें सोडियम की मात्रा बेहद कम होती है। पोटैशियम रक्त वाहिकाओं की दीवारों को आराम देकर ब्लड प्रेशर को प्राकृतिक रूप से कम करता है। इसके अतिरिक्त, लीची में ‘ओलिगो नाल’ नामक एक खास पॉलीफेनोल पाया जाता है। क्लिनिकल ट्रायल्स में यह साबित हुआ है कि ओलिगो नाल शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।
इम्यूनिटी होती है स्ट्रांग
विटामिनसी से भरपूर लीची का सेवन करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है। Food Chemistry जर्नल और World Journal of Gastroenterology की एक रिपोर्ट के अनुसार लीची विटामिनसी का एक पावर हाउस है। रिसर्च बताती है कि मात्र 100 ग्राम लीची खाने से एक वयस्क के शरीर की दिनभर की विटामिनसी की जरूरत का लगभग 100% हिस्सा पूरा हो जाता है। विटामिनसी शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं के निर्माण को तेज करता है, जो बाहरी बैक्टीरिया और वायरस से लड़कर हमारी इम्यूनिटी को फौलादी बनाती हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स फ्रीरेडिकल्स से होने वाले सेल डैमेज को भी रोकते हैं।
कमजोरी और थकान का होता है इलाज
यह फल शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का भी काम करता है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस होने पर राहत मिल सकती है। इसलिए गर्मियों के मौसम में सीमित मात्रा में लीची का सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। डायबिटीज, हाई ब्लड शुगर या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित व्यक्ति अपनी डाइट में कोई भी बदलाव करने या लीची सहित किसी भी फल का नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य डायटीशियन की सलाह अवश्य लें। फलों का सेवन हमेशा संतुलित मात्रा में और अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार करें।



