अगर आपने होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लिया है, तो हर महीने समय पर EMI चुकाना जरूरी है. कई बार बैंक खाते में पैसे कम होने या किसी तकनीकी परेशानी के कारण EMI तय तारीख पर जमा नहीं हो पाती. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर EMI भरने में सिर्फ एक दिन की देरी हो जाए, तो क्या क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है?

भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, अगर कर्ज की किस्त तय तारीख के अंत तक जमा नहीं होती, तो खाते को बकाया यानी ओवरड्यू माना जा सकता है. हालांकि, एक दिन की देरी से क्रेडिट स्कोर तुरंत और निश्चित रूप से गिर जाएगा, ऐसा जरूरी नहीं है. इसका असर बैंक की रिपोर्टिंग, भुगतान में हुई देरी और आपके पुराने रिकॉर्ड पर निर्भर करता है.
क्या एक दिन की देरी पर लगेगा जुर्माना?
EMI जमा करने में एक दिन की देरी होने पर भी बैंक या फाइनेंस कंपनी लेट पेमेंट चार्ज लगा सकता है. यह चार्ज आपके लोन की शर्तों और नियमों पर निर्भर करता है. इसलिए यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि बैंक एक या दो दिन की देरी को नजरअंदाज कर देगा. मिंट की रिपोर्ट में पैसाबाजार के हवाले से दावा किया गया है कि बैंक कुछ मामलों में थोड़ा समय दे सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि देरी पर लगने वाला जुर्माना भी माफ हो जाएगा.
RBI के नियमों के तहत, कर्ज देने वाली संस्थाओं को जुर्माने से जुड़े चार्ज की जानकारी पहले से स्पष्ट करनी होती है. ये चार्ज उचित होने चाहिए. बैंक इन पर आगे ब्याज जोड़कर वसूली नहीं कर सकते. हालांकि, लोन पर लगने वाला सामान्य ब्याज अलग होता है.
कितने दिन की देरी से क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है असर?
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि एक दिन की देरी से क्रेडिट स्कोर में तुरंत बड़ा बदलाव होना जरूरी नहीं है, लेकिन अगर आप बारबार EMI देर से भरते हैं, तो इसका असर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री पर पड़ सकता है. इससे भविष्य में लोन लेने में परेशानी हो सकती है. RBI के नियमों के मुताबिक, 1 जनवरी 2025 से कर्ज देने वाली संस्थाओं को क्रेडिट ब्यूरो के साथ क्रेडिट संबंधी जानकारी हर 15 दिन में अपडेट करनी होती है. इससे पहले की तुलना में भुगतान का रिकॉर्ड ज्यादा तेजी से अपडेट हो सकता है. अगर ईएमआई 30 दिन से ज्यादा समय तक बकाया रहती है, तो क्रेडिट प्रोफाइल को अधिक नुकसान पहुंच सकता है.



