
गलत खान-पान और सुस्त जीवनशैली के कारण आजकल फैटी लिवर (Fatty Liver) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। अक्सर इंटरनेट पर ‘लिवर डिटॉक्स’ या ‘लिवर की सफाई’ करने वाले चमत्कारी फूड्स के दावे किए जाते हैं, लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार केवल कुछ चीजें खा लेने से फैटी लिवर पूरी तरह नॉर्मल नहीं हो सकता। हालांकि, कुछ ऐसे सुपरफूड्स जरूर हैं जिन्हें डाइट में शामिल करने से लिवर की कार्यक्षमता में सुधार होता है और सूजन कम हो सकती है।
एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर डॉ Bimal Chhajer के अनुसार, लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने, पाचन में मदद करने और पोषक तत्वों को प्रोसेस करने का काम करता है। ऐसे में लिवर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेना बेहद जरूरी है। डॉ. छाजेड़ का कहना है कि रोजमर्रा की डाइट में कुछ खास फल और सब्जियां शामिल करके लिवर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाया जा सकता है। एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर, विटामिन और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स लिवर को स्वस्थ रखने और उसकी सफाई प्रक्रिया को सपोर्ट करने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं कि लिवर की सेहत के लिए कौन-से फल और सब्जियां फायदेमंद माने जाते हैं।
ब्लूबेरी और क्रैनबेरी
ब्लूबेरी और क्रैनबेरी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फल हैं, जिनमें एंथोसायनिन नामक तत्व पाया जाता है। यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है, जो लिवर को नुकसान पहुंचाने वाले प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है। कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि क्रैनबेरी का सेवन फैटी लिवर से जुड़े जोखिमों को कम करने में सहायक हो सकता है। साथ ही इनमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाकर लिवर के कामकाज को सपोर्ट करता है।
World Journal of Gastroenterology और Nutrients जर्नल में प्रकाशित एक क्लिनिकल स्टडी के अनुसार ब्लूबेरी और क्रैनबेरी को उनका गहरा रंग देने वाला पिगमेंट ‘एंथोसायनिन’ एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। रिसर्च साबित करती है कि मात्र 3 से 4 हफ्तों तक इन बेरीज का नियमित सेवन करने से लिवर में ‘फाइब्रोसिस’ की रफ्तार धीमी हो जाती है। यह लिवर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाता है और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) के जोखिम को काफी हद तक कम करता है।
ब्रोकली और अन्य क्रूसिफेरस सब्जियां खाएं
ब्रोकली, पत्ता गोभी और फूलगोभी जैसी क्रूसिफेरस सब्जियां लिवर के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं। इनमें ऐसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं जो शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया को समर्थन देते हैं। Journal of Nutrition और Harvard T.H. Chan School of Public Health के एक शोध के मुताबिक ब्रोकली, पत्ता गोभी और फूलगोभी जैसी सब्जियों में ‘सल्फोराफेन’ और ‘इंडोल-3-कार्बिनोल’ नामक सल्फर युक्त यौगिक पाए जाते हैं। मेडिकल रिसर्च के अनुसार ये कंपाउंड्स लिवर के ‘फेज-2 डिटॉक्सिफिकेशन एंजाइम’ को एक्टिवेट कर देते हैं। यह प्रक्रिया शरीर में जमा भारी धातुओं, दवाओं के अवशेषों और पर्यावरण के टॉक्सिन्स को पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देती है, जिससे लिवर फैटी होने से बच जाता है। नियमित रूप से इन सब्जियों का सेवन करने से लिवर की कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है।
अंगूर खाएं लिवर के लिए जरूरी है
अंगूर, विशेष रूप से काले और गहरे रंग के अंगूर, एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत हैं। इनमें मौजूद रेस्वेराट्रोल और अन्य पौधों से प्राप्त यौगिक लिवर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। कुछ शोधों में अंगूर के सेवन को लिवर की सूजन कम करने और उसकी कार्यक्षमता को बेहतर बनाने से जोड़ा गया है। International Journal of Food Sciences and Nutrition और Gastroenterology Research and Practice की रिपोर्ट के अनुसार लाल और काले अंगूर के छिलके और बीजों में ‘रेस्वेराट्रोल’नाम का एक चमत्कारिक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। क्लिनिकल ट्रायल्स में देखा गया है कि रेस्वेराट्रोल लिवर की क्रॉनिक सूजन (Inflammation) को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है। यह लिवर में एक्स्ट्रा फैट जमा होने से रोकता है और जिन लोगों का लिवर पहले से थोड़ा डैमेज है, उनके लिवर एंजाइम्स (SGOT/SGPT) के स्तर को दोबारा नॉर्मल करने में मदद करता है। नियमित और संतुलित मात्रा में अंगूर खाना लिवर की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।
अनार भी है असरदार
अनार में पॉलीफेनॉल्स और प्यूनिकालाजिन्स जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो लिवर को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाने में मदद कर सकते हैं। यह फल शरीर में सूजन कम करने और लिवर की कोशिकाओं की सुरक्षा में सहायक माना जाता है। अनार का सेवन सलाद, जूस या सीधे दानों के रूप में किया जा सकता है।
Journal of Agricultural and Food Chemistry और Phytotherapy Research के एक बड़े क्लिनिकल अध्ययन के अनुसार अनार के दाने और इसके जूस में ‘प्यूनिकालाजिन्स’ (Punicalagins) और पॉलीफेनोल्स पाए जाते हैं, जिनकी एंटीऑक्सीडेंट क्षमता ग्रीन-टी से भी 3 गुना ज्यादा होती है। रिसर्च के अनुसार, अनार का सेवन लिवर की अंदरूनी परतों को फ्री-रेडिकल्स के हमले से बचाता है। यह लिवर की कार्यक्षमता को बूस्ट करता है, जिससे शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल का निर्माण सुचारू रूप से होता है और हानिकारक फैट्स लिवर के आसपास जमा नहीं हो पाते। नियमित रूप से इसे डाइट में शामिल करने से लिवर की कार्यक्षमता को स्पोर्ट मिलता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी और विशेषज्ञों द्वारा साझा किए गए सुझावों पर आधारित है। इसमें बताए गए फल और सब्जियां लिवर की सेहत को सपोर्ट कर सकते हैं, लेकिन इन्हें किसी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। यदि आपको फैटी लिवर, लिवर सिरोसिस या लिवर से जुड़ी कोई अन्य समस्या है, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य पोषण विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।



